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केजरीवाल का पुराना आवास बनेगा दिल्ली का भव्य स्टेट गेस्ट हाउस? सांस्कृतिक केंद्र और ऑडिटोरियम बनाने की भी तैयारी

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ST.News Desk

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का पुराना आधिकारिक आवास एक बार फिर चर्चा में है। सिविल लाइंस स्थित 6, फ्लैगस्टाफ रोड के इस सरकारी बंगले को दिल्ली के अपने स्टेट गेस्ट हाउस और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। बीजेपी इस बंगले को राजनीतिक तौर पर लंबे समय से ‘शीश महल’ कहती रही है। अब सरकार की योजना इसे सरकारी मेहमानों के ठहरने, बैठकों, सम्मेलनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल करने की है।

सरकार के स्तर पर इस परिसर के भविष्य के उपयोग को लेकर पहले भी अलग-अलग विकल्पों पर विचार हुआ था। इनमें इसे स्टेट गेस्ट हाउस में बदलने का विकल्प भी शामिल रहा है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, इस दिशा में राज्य अतिथि गृह के साथ-साथ कैफेटेरिया, प्रतीक्षालय और दूसरी सुविधाएं विकसित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

क्या है सरकार की नई योजना?

दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में स्थित 6, फ्लैगस्टाफ रोड का यह बंगला अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद छोड़ने और आवास खाली करने के बाद से सरकारी नियंत्रण में है। केजरीवाल ने अक्टूबर 2024 में यह आवास खाली किया था।

अब इस परिसर को दूसरे राज्यों के दिल्ली स्थित भवनों और गेस्ट हाउस की तरह विकसित करने की योजना है। प्रस्ताव के मुताबिक, दिल्ली आने वाले दूसरे राज्यों के मंत्रियों, सरकारी अधिकारियों और आधिकारिक मेहमानों को यहां ठहरने की सुविधा दी जा सकती है।

इस सुविधा के इस्तेमाल के लिए निर्धारित शुल्क रखने का भी प्रस्ताव बताया गया है। सरकार की कोशिश इस बड़े सरकारी परिसर को खाली रखने के बजाय प्रशासनिक और सार्वजनिक उपयोग में लाने की है। हालांकि, योजना के अंतिम स्वरूप और उसके लागू होने की समयसीमा पर अभी आधिकारिक रूप से विस्तृत घोषणा नहीं की गई है।

सिर्फ गेस्ट हाउस नहीं, सांस्कृतिक केंद्र भी बनाने की तैयारी

प्रस्तावित योजना का दायरा केवल मेहमानों के ठहरने तक सीमित नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, परिसर को एक बड़े सरकारी और सांस्कृतिक कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित करने की दिशा में विचार किया जा रहा है।

इसमें सम्मेलन हॉल, बैठक कक्ष और कार्यक्रमों के आयोजन के लिए ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। परिसर का इस्तेमाल कला प्रदर्शनियों, साहित्यिक कार्यक्रमों, बैठकों और दूसरे सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी किए जाने की संभावना है।

योजना का उद्देश्य यह है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल केवल वीआईपी आवास के रूप में न होकर व्यापक सरकारी और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए किया जाए।

पार्किंग, प्रतीक्षालय और कैफेटेरिया का भी प्रस्ताव

परिसर में आने वाले मेहमानों और कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों की जरूरतों को देखते हुए पार्किंग और आधुनिक प्रतीक्षालय जैसी सुविधाओं पर भी विचार किया गया है।

इसके साथ ही एक सार्वजनिक कैंटीन या कैफेटेरिया विकसित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। पहले की रिपोर्टों में कहा गया था कि इस तरह की कैंटीन में दूसरे राज्य भवनों की तर्ज पर पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध कराए जा सकते हैं और इसे आम लोगों के लिए भी खोला जा सकता है।

इससे यह परिसर केवल सरकारी मेहमानों के लिए बंद सरकारी इमारत बनकर नहीं रहेगा, बल्कि इसके कुछ हिस्सों का सार्वजनिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।

दिल्ली को मिल सकता है अपना समर्पित स्टेट गेस्ट हाउस

इस योजना के पीछे एक बड़ा तर्क यह है कि दिल्ली सरकार अपनी अलग और समर्पित राज्य अतिथि गृह सुविधा विकसित करना चाहती है। सरकार के सामने लंबे समय से यह सवाल रहा है कि दूसरे राज्यों और बाहर से आने वाले आधिकारिक प्रतिनिधियों के ठहरने और सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक केंद्रीकृत परिसर कैसे तैयार किया जाए।

6, फ्लैगस्टाफ रोड का बड़ा परिसर और उसकी मौजूदा सुविधाएं इस उद्देश्य के लिए उपयोगी मानी जा रही हैं। इसी वजह से इसे स्टेट गेस्ट हाउस में बदलने का विकल्प सरकार के सामने प्रमुख संभावनाओं में शामिल रहा है।

रेनोवेशन को लेकर लंबे समय से विवादों में रहा बंगला

6, फ्लैगस्टाफ रोड का यह बंगला अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए रेनोवेशन को लेकर लंबे समय से राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा है।

बीजेपी ने रेनोवेशन पर हुए खर्च को लेकर लगातार सवाल उठाए और इस बंगले को ‘शीश महल’ नाम दिया। बाद में इसकी लागत और निर्माण प्रक्रिया को लेकर कई स्तरों पर जांच और ऑडिट की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

मार्च 2026 में दिल्ली विधानसभा में पेश CAG रिपोर्ट से जुड़ी रिपोर्टों में कहा गया कि रेनोवेशन की लागत 33.66 करोड़ रुपए तक पहुंची और यह शुरुआती अनुमान से काफी अधिक थी। रिपोर्टों के अनुसार, CAG ने खर्च बढ़ने और प्रक्रियागत मुद्दों पर सवाल उठाए।

इस मुद्दे को लेकर दिल्ली विधानसभा में भी तीखी राजनीतिक बहस हुई और मामले को आगे की जांच के लिए पब्लिक अकाउंट्स कमेटी यानी PAC को भेजने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।

जांच के बीच अब नए इस्तेमाल की तैयारी

बंगले से जुड़े रेनोवेशन मामलों की जांच और राजनीतिक विवाद अपनी जगह जारी हैं। फरवरी 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने PWD से इस परिसर से जुड़े विजिलेंस और CBI मामलों की स्थिति और प्रगति की जानकारी भी मांगी थी।

ऐसे में बंगले को स्टेट गेस्ट हाउस और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। जिस सरकारी आवास को लेकर वर्षों तक खर्च और कथित अनियमितताओं पर विवाद चलता रहा, सरकार अब उसी परिसर को सरकारी मेहमानों, बैठकों और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपयोग में लाने पर विचार कर रही है।

योजना लागू होने पर 6, फ्लैगस्टाफ रोड की पहचान एक पूर्व मुख्यमंत्री के सरकारी आवास से बदलकर दिल्ली के राज्य अतिथि गृह और प्रमुख सांस्कृतिक परिसर के रूप में हो सकती है। हालांकि, परियोजना का अंतिम डिजाइन, बजट और निर्माण की समयसीमा सामने आने के बाद ही इसकी पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।


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