Jharkhand High Court: हेमंत सोरेन सरकार को झटका, 11वीं-13वीं JPSC नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर रोक
- झारखंड हाई कोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने से जुड़े राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है.
- सरकार के फैसले को चुनौती देने वाले नवनियुक्त अधिकारियों को हाई कोर्ट के आदेश से बड़ी राहत मिली है.
- राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन चल रहा था, जिसके बाद सरकार ने कई परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला किया था.
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. झारखंड हाई कोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा के जरिए चयनित सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की नियुक्तियां रद्द करने से संबंधित राज्य सरकार के नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है. सरकार के आदेश को चुनौती देते हुए अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिन पर गुरुवार को सुनवाई हुई.
हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है, जो परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सरकारी सेवा में नियुक्त हो चुके थे. सरकार की ओर से नियुक्तियां रद्द किए जाने के बाद इन कर्मचारियों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया था.
नवनियुक्त अधिकारियों को मिली बड़ी राहत
मामले की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रौशन की अदालत में हुई. प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा. राहत पाने वाले प्रार्थियों में सौरभ सिंह, अवधेश कुमार, दीप माला और सोनम कुमारी शामिल हैं. इनकी ओर से राज्य सरकार के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी.
JPSC परीक्षा में सफल होकर सरकारी नौकरी कर रहे कई उम्मीदवारों ने सरकार के आदेश के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था. उनका कहना था कि उन्होंने तय भर्ती प्रक्रिया के अनुसार परीक्षा पास की और चयन के बाद नियुक्ति हासिल की. ऐसे में पूरी नियुक्ति प्रक्रिया रद्द किए जाने से उनकी नौकरी प्रभावित हो रही थी.
भर्ती परीक्षाओं को लेकर क्यों हुआ था विवाद?
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी रांची में कई हफ्तों तक छात्रों और अभ्यर्थियों का प्रदर्शन चला था. प्रदर्शनकारी कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे.
इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने कई परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को रद्द करने का फैसला किया. सरकार ने कदाचार से जुड़े मामलों की जांच के लिए हाई कोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करने, JPSC और JSSC में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक कमेटी गठित करने का भी निर्णय लिया. कमेटी को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है.
किन प्रमुख JPSC परीक्षाओं पर लिया गया था फैसला?
सरकार की कार्रवाई के दायरे में विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती विज्ञापन 09/2025, सहायक निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक बैकलॉग भर्ती विज्ञापन 10/2025, नियमित भर्ती विज्ञापन 11/2025, ड्रग इंस्पेक्टर विज्ञापन 12/2025, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर बैकलॉग भर्ती विज्ञापन 02/2026 और सरकारी पॉलिटेक्निक में लेक्चरर भर्ती विज्ञापन 03/2026 तथा 04/2026 शामिल थीं.
इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर सुपर स्पेशलिस्ट विज्ञापन 07/2026, सिविल जज जूनियर डिवीजन विज्ञापन 22/2023, सहायक वन संरक्षक विज्ञापन 03/2024, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर विज्ञापन 04/2024, सहायक लोक अभियोजक बैकलॉग और नियमित भर्ती विज्ञापन 05/2025 तथा 06/2025 भी फैसले के दायरे में थीं.
झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 विज्ञापन 01/2026, इसकी बैकलॉग भर्ती विज्ञापन 05/2026, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023 बैकलॉग विज्ञापन 06/2026, फूड सेफ्टी ऑफिसर विज्ञापन 18/2023, चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर विज्ञापन 21/2023 और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023 विज्ञापन 01/2024 को भी सूची में शामिल किया गया था.
पुरानी भर्ती परीक्षाएं भी फैसले के दायरे में
सरकार के फैसले में 5वीं संयुक्त सिविल सेवा भर्ती विज्ञापन 06/2013, सिविल जज जूनियर डिवीजन विज्ञापन 10/2015 और विशेष भर्ती विज्ञापन 11/2015, मृदा संरक्षण पदाधिकारी विज्ञापन 12/2015, सहायक निदेशक कृषि और अनुमंडल कृषि पदाधिकारी की नियमित तथा बैकलॉग भर्ती विज्ञापन 03/2015 और 04/2015 भी शामिल थीं.
इसके अलावा फूड सेफ्टी ऑफिसर विज्ञापन 01/2016, डेंटिस्ट बेसिक कैडर विज्ञापन 02/2016, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा बैकलॉग विज्ञापन 27/2017, कॉमर्शियल टैक्सेस लिमिटेड परीक्षा विज्ञापन 10/2010, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2016 विज्ञापन 23/2016, जियोलॉजिस्ट एवं केमिस्ट भर्ती विज्ञापन 01/2017 और 02/2017, सहायक लोक अभियोजक विज्ञापन 03/2018, सिविल जज नियमित भर्ती विज्ञापन 12/2018, संयुक्त सहायक अभियंता भर्ती विज्ञापन 05/2019 और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2021 विज्ञापन 01/2021 भी शामिल थीं.
डेंटल डॉक्टर भर्ती विज्ञापन 01/2022, छठी सीमित उप समाहर्ता परीक्षा विज्ञापन 11/2018 और झारखंड पात्रता परीक्षा यानी JET 2024 विज्ञापन 08/2025 पर भी फैसला लिया गया था. वहीं JSSC की CGL परीक्षा विज्ञापन 10/2023 को SIT और CID जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर रद्द करने का निर्णय लिया गया था.
अब हाई कोर्ट की अंतरिम रोक के बाद 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा के जरिए चयनित और नियुक्त उम्मीदवारों को फिलहाल राहत मिल गई है. इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर उम्मीदवारों के साथ-साथ राज्य सरकार की भी नजर रहेगी.

