हाई BP, ब्लड शुगर, नींद की कमी, सुस्त जीवनशैली और तंबाकू भी हार्ट को पहुंचा सकते हैं नुकसान
दिल की सेहत को लेकर अक्सर सबसे ज्यादा चिंता बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL को लेकर की जाती है। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है, लेकिन सिर्फ कोलेस्ट्रॉल ही दिल की बीमारी का एकमात्र कारण नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ ब्लड शुगर, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, तंबाकू का सेवन और अस्वास्थ्यकर खान-पान भी हृदय रोग के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं।
गोरखपुर स्थित रीजेंसी हॉस्पिटल की कंसल्टेंट-कार्डियोलॉजी डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, दिल को स्वस्थ रखने के लिए केवल कोलेस्ट्रॉल पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। शरीर के दूसरे महत्वपूर्ण मानकों और रोजमर्रा की जीवनशैली पर भी नजर रखना जरूरी है।
हाई ब्लड प्रेशर
लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने से रक्त वाहिकाओं और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अनियंत्रित हाइपरटेंशन समय के साथ हृदय रोग, हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इसे नियंत्रित रखना जरूरी है।
बढ़ा हुआ ब्लड शुगर
डायबिटीज और लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर भी हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। WHO के अनुसार डायबिटीज हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं के जोखिम से जुड़ी है। इसलिए सिर्फ कोलेस्ट्रॉल ही नहीं, बल्कि ब्लड शुगर की नियमित जांच भी महत्वपूर्ण है।
नींद की कमी
नींद की गुणवत्ता और पर्याप्त नींद भी हृदय स्वास्थ्य से जुड़ी है। खराब नींद और कुछ नींद संबंधी समस्याएं हाई ब्लड प्रेशर जैसे जोखिम कारकों से जुड़ी हो सकती हैं। खासकर लगातार नींद की समस्या होने पर इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
सुस्त जीवनशैली
लंबे समय तक शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहना हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है और हाई BP, डायबिटीज तथा वजन जैसे कई जोखिम कारकों को नियंत्रित करने में मदद करती है।
तंबाकू और सिगरेट
सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद हृदय और रक्त वाहिकाओं के लिए गंभीर जोखिम पैदा करते हैं। WHO तंबाकू सेवन को हृदय रोग के प्रमुख व्यवहार संबंधी जोखिम कारकों में शामिल करता है। तंबाकू छोड़ना हृदय रोग के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
खान-पान और वजन पर भी दें ध्यान
दिल की सेहत के लिए केवल LDL को कम करना ही पर्याप्त नहीं माना जा सकता। ज्यादा नमक, अस्वास्थ्यकर वसा और अत्यधिक कैलोरी वाला खान-पान, मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता भी हृदय रोग के जोखिम को प्रभावित करते हैं। WHO के मुताबिक स्वस्थ आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और तंबाकू से दूरी हृदय रोग की रोकथाम में मदद कर सकती है।
क्या रखें ध्यान?
दिल को स्वस्थ रखने के लिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, संतुलित आहार लेना और तंबाकू से दूरी बनाना जरूरी है। यदि सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, अचानक कमजोरी, ठंडा पसीना या जबड़े/बांह में दर्द जैसे लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।
नोट: यह स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी है। व्यक्तिगत जोखिम और जांच की जरूरत व्यक्ति की उम्र, मेडिकल हिस्ट्री और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
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