सार
- Amit Shah ने पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है. केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब तक बंगाल और भारत की सीमाएं सुरक्षित नहीं होतीं, तब तक देश पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह सकता.
- शाह ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार से भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 1,129 एकड़ जमीन मांगी गई, लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई.
- सिलीगुड़ी में SSB के कार्यक्रम में अमित शाह ने वंदे मातरम का भी जिक्र किया और कहा कि राष्ट्रीय गीत को उसका उचित सम्मान मिलना चाहिए.
नई दिल्ली/सिलीगुड़ी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है. शुक्रवार, 21 अगस्त को सिलीगुड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जब तक पश्चिम बंगाल और भारत की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जातीं, तब तक न पश्चिम बंगाल सुरक्षित रह सकता है और न ही देश. शाह ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन उपलब्ध कराने के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को भी निशाने पर लिया.
सीमा पर फेंसिंग के लिए 1,129 एकड़ जमीन की थी मांग
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार लंबे समय से पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश कर रही थी. इसके लिए सीमा पर फेंसिंग जरूरी थी, लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण काम में बाधा आती रही.
शाह ने दावा किया कि वह 2014 से सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए करीब 1,129 एकड़ जमीन की मांग कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस संबंध में कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन उनकी सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया.
गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में सरकार बदलने के बाद सीमा सुरक्षा से जुड़े काम के लिए जमीन उपलब्ध हो सकी. शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनका उत्तर बंगाल दौरा मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा और सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर केंद्रित है.
SSB के कार्यक्रम में पहुंचे अमित शाह
अमित शाह ने शुक्रवार को सिलीगुड़ी स्थित Sashastra Seema Bal (SSB) Frontier Headquarters का दौरा किया. यहां उन्होंने SSB से जुड़ी कई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया. गृह मंत्री का कार्यक्रम SSB के जवानों से बातचीत और क्षेत्र की सीमा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा से भी जुड़ा था.
सिलीगुड़ी का इलाका सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यहां स्थित सिलीगुड़ी कॉरिडोर को आमतौर पर ‘Chicken’s Neck’ कहा जाता है. यह संकरा भूभाग पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है और नेपाल, भूटान तथा बांग्लादेश की सीमाओं के करीब है.
‘SSB कोई राजनीतिक संगठन नहीं’
कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्हें पहली बार मुख्यमंत्री के तौर पर SSB के कार्यक्रम में आने का अवसर मिला है.
इस पर अमित शाह ने कहा कि वह इसमें थोड़ा सुधार करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी राज्य के मुख्यमंत्रियों को सीमा सुरक्षा बलों के कार्यक्रमों में बुलाया जाता था, लेकिन वे शामिल नहीं होते थे.
शाह ने कहा कि SSB कोई राजनीतिक संगठन नहीं है और देश की सीमा की सुरक्षा में लगे बलों के कार्यक्रमों से राज्य के मुख्यमंत्री का दूर रहना सही संदेश नहीं देता. गृह मंत्री ने सुवेंदु अधिकारी का कार्यक्रम में शामिल होने पर स्वागत भी किया.
वंदे मातरम को लेकर भी बोले अमित शाह
अमित शाह ने कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद पिछली सरकारों ने वंदे मातरम को वह सम्मान नहीं दिया, जिसका वह हकदार था.
शाह ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर इसे उचित सम्मान देने की कोशिश की गई है. उन्होंने दावा किया कि इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले पर वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया गया. एक दिन पहले भी शाह ने वंदे मातरम के पूरे संस्करण को लेकर कांग्रेस के रुख की आलोचना की थी.
सीमा सुरक्षा पर सरकार का फोकस
अमित शाह का तीन दिवसीय उत्तर बंगाल दौरा सीमा सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है. इस दौरान सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा, SSB की तैयारियों और सीमा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा उनके प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल है.
भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए जमीन का मुद्दा लंबे समय से केंद्र और पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार के बीच राजनीतिक विवाद का विषय रहा है. अमित शाह ने एक बार फिर इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा है कि राज्य और देश की सुरक्षा के लिए सीमाओं को मजबूत करना जरूरी है.

