चौथी मंजिल से गिरने के बाद गई जान, शरीर पर चोट के निशान और कमरे में ग्राइंडर मिलने से बढ़ा संदेह
मथुरा: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह एक इमारत की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मामले में शरीर पर चोट के निशान मिलने और कमरे से ग्राइंडर बरामद होने की बात सामने आ रही है। इन परिस्थितियों के कारण पुलिस विभिन्न पहलुओं से घटना की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मौत हादसे के कारण हुई, आत्महत्या थी या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है।
चौथी मंजिल से गिरने की बात
जानकारी के मुताबिक, रसिक दुलारी शरण वृंदावन में रहते थे और प्रेमानंद महाराज से जुड़े बताए जाते हैं। संदिग्ध परिस्थितियों में वह चौथी मंजिल से नीचे गिर गए। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
शरीर पर चोट के निशान से बढ़ा सवाल
घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल शरीर पर मिले चोट के निशानों को लेकर उठ रहा है। स्थानीय स्तर पर ऐसी भी चर्चा है कि निजी अंग के आसपास गंभीर चोट के निशान थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना की वास्तविक स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कमरे से ग्राइंडर मिलने की चर्चा
पुलिस जांच में कमरे से ग्राइंडर मिलने की बात भी सामने आ रही है। इसी वजह से चोटों की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि ग्राइंडर का घटना से सीधा संबंध है। पुलिस घटनास्थल से मिले सामान और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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हत्या या आत्महत्या? जांच में जुटी पुलिस
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद मामला हत्या और आत्महत्या, दोनों संभावनाओं के बीच उलझा हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटनास्थल की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मौत की वजह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने से पहले घटना को हत्या या आत्महत्या बताना उचित नहीं होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष से ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।

