पूरी तरह बैन नहीं, लेकिन 24 घंटे पटाखे चलाने की भी अनुमति नहीं
नई दिल्ली। दिवाली से पहले पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम रुख स्पष्ट किया है। अदालत ने कहा है कि वह न तो पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के पक्ष में है और न ही पूरे दिन पटाखे चलाने की अनुमति दी जा सकती है।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटाखों के इस्तेमाल के लिए निश्चित समय तय किया जा सकता है और यह भी निर्धारित किया जा सकता है कि किस प्रकार के पटाखों की अनुमति होगी। अदालत ने प्रदूषण के साथ बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव का भी उल्लेख किया।
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि नई पीढ़ी के कुछ ग्रीन पटाखों में उत्सर्जन और ठोस कचरे में कमी देखी गई है। अदालत ने इस संबंध में उपलब्ध वैज्ञानिक रिपोर्टों पर भी विचार किया।
आगे क्या होगा?
पटाखों के इस्तेमाल का समय और अनुमत पटाखों को लेकर आगे विस्तृत दिशा-निर्देश तय किए जा सकते हैं। दिल्ली-NCR से जुड़े अलग प्रतिबंधों पर अन्य कार्यवाही भी लंबित है।
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