भोजपुर के दौसा बंजारपुर गांव में जमीन पर निर्माण को लेकर भिड़े दो पक्ष; पीड़ित ने लगाया जबरन कब्जे का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
गाजियाबाद/मोदीनगर। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में जमीन को लेकर विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। भोजपुर थाना क्षेत्र के दौसा बंजारपुर गांव में जमीन पर निर्माण कार्य का विरोध करने पर मारपीट होने का आरोप है। पीड़ित प्रवीण कुमार का कहना है कि गांव के कुछ लोग उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहते हैं। विवाद के दौरान उन पर फावड़े से हमला किया गया। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके भाई आदेश और भाभी पायल के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है।
जमीन पर निर्माण शुरू होते ही बढ़ा विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, प्रवीण कुमार और गांव के कुछ लोगों के बीच जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। आरोप है कि बुधवार को विवादित जमीन पर निर्माण कार्य शुरू किया गया। इसका विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।
फावड़े से वार करने का आरोप
पीड़ित के आरोप के मुताबिक, संघर्ष के दौरान उन पर फावड़े से हमला किया गया। उन्होंने सिर पर हाथ रखकर बचाव करने की कोशिश की, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट आई। घायल प्रवीण को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। उनकी चोटों और स्वास्थ्य की मौजूदा स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
भाई और भाभी को भी पीटने का आरोप
प्रवीण का आरोप है कि उन्हें बचाने के लिए पहुंचे उनके भाई आदेश और भाभी पायल के साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं और दोनों पक्षों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की खबर है। हालांकि, वायरल वीडियो अपने आप में पूरे घटनाक्रम या किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी का अंतिम प्रमाण नहीं है। मामले में पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
पुलिस ने क्या कहा?
प्रवीण कुमार ने भोजपुर थाने में शिकायत दी है। एसीपी मोदीनगर सिद्धार्थ गौतम के अनुसार, मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जमीन विवाद में क्या करें?
जमीन पर कब्जे या सीमांकन को लेकर विवाद होने पर खुद बल प्रयोग करने के बजाय राजस्व विभाग से पैमाइश, संबंधित दस्तावेजों की जांच और पुलिस को शिकायत देने जैसे कानूनी रास्ते अपनाने चाहिए। हिंसा की स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता लेना जरूरी है।
फिलहाल मामले में आरोपों की जांच जारी है। पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई से स्पष्ट होगा कि विवाद कैसे शुरू हुआ और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।






















