गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोला ब्लॉक स्थित डाड़ी खास गांव में एक गाय की मौत के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि गाय को एक कुत्ते ने काट लिया था। इसी गाय के दूध से चरणामृत तैयार किया गया था, जिसका सेवन गांव के लोगों ने किया था। गाय की मौत की खबर फैलते ही लोग एहतियातन एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचने लगे।
चरणामृत पीने वाले ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
स्थानीय जानकारी के अनुसार, गाय के दूध से बने चरणामृत का सेवन करने के बाद जब ग्रामीणों को गाय की मौत के बारे में पता चला, तो उनमें संक्रमण की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से सलाह लेकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाई।
अब तक 450 लोगों को लगा टीका
बताया जा रहा है कि अब तक करीब 450 ग्रामीणों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई जा चुकी है। घटना के बाद गांव में स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, गाय की मौत का वास्तविक कारण और उसमें रेबीज संक्रमण की पुष्टि संबंधित पशु चिकित्सा जांच से ही हो सकती है। केवल कुत्ते के काटने और गाय की मौत होने से रेबीज की पुष्टि नहीं मानी जा सकती।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों की सलाह है कि ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय स्वास्थ्यकर्मियों से संपर्क करना चाहिए और उनके निर्देशों का पालन करना चाहिए। रेबीज के संभावित संपर्क को लेकर किसी भी तरह की आशंका होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना जरूरी है।
गोरखपुर के डाड़ी खास गांव में गाय की मौत के बाद चरणामृत का सेवन करने वाले ग्रामीणों में चिंता फैल गई। दी गई जानकारी के अनुसार, करीब 450 लोगों ने एहतियातन एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाई है। गाय की मौत और संक्रमण की स्थिति को लेकर आधिकारिक जांच की पुष्टि का इंतजार है।
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