नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर कई स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना जारी है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि हाल के दिनों में ऐसी स्थिति कई जगहों पर बनी और अब भी जारी है। उन्होंने सीमा पर सक्रिय ITBP के नए ‘शौर्य कमांडो’ की भूमिका की भी सराहना की।
ITBP प्रमुख ने क्या कहा?
शत्रुजीत कपूर ने राजस्थान के अलवर स्थित सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज में आयोजित ‘हिमवीर सम्मान समारोह’ में कहा कि अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर जारी आमना-सामना की परिस्थितियों में ITBP के कमांडो सक्रिय रहे हैं। उनके मुताबिक, हाल ही में गठित ‘शौर्य कमांडो’ ने इसमें उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। कपूर ने कहा कि ITBP को पहाड़ी इलाकों में काम करने वाले बल के रूप में तैयार किया गया था और वर्ष 2004 में उसे चीन से लगी सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में लड़ने के लिए एक विशेष बल विकसित किया जा रहा है। भविष्य में ‘शौर्य कमांडो’ की पूरी बटालियन तैयार करने की योजना है।
जुलाई के आखिर से जारी है गतिरोध
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में तक्सिंग के पास असाफिला क्षेत्र में जुलाई के आखिर से भारत और चीन के सैनिकों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
रिपोर्टों में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने माजा कंपनी ऑपरेटिंग बेस के पास ऊंचाई वाले क्षेत्र में तंबू लगाए हैं। यह स्थान भारत की ओर से समझी जाने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से लगभग 6 से 7 किलोमीटर भीतर बताया गया है। इन विवरणों को संबंधित सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के हवाले से ही देखा जाना चाहिए। सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों की गश्त और तैनाती संवेदनशील मुद्दे हैं। ऐसे मामलों में किसी भी घटनाक्रम की स्थिति समझने के लिए आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय रिपोर्टों को आधार बनाना जरूरी है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से पूछे सवाल
ITBP प्रमुख के बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच X पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार इस गंभीर सीमा मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। रमेश ने ITBP प्रमुख की ओर से कमांडो की भूमिका की सराहना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को सीमा पर चल रही स्थिति के बारे में देश को जानकारी देनी चाहिए। यह कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिक्रिया है; इसे सरकार की आधिकारिक स्थिति से अलग समझना चाहिए।
चीन सीमा पर ITBP की क्या भूमिका है?
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस चीन से लगी सीमा के दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों में सुरक्षा तथा निगरानी की जिम्मेदारी निभाती है। इन क्षेत्रों में मौसम, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित पहुंच के कारण गश्त करना चुनौतीपूर्ण होता है। ITBP प्रमुख के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जून से अक्टूबर के बीच नियमित लंबी दूरी की गश्त भेजी जाती है। ‘शौर्य कमांडो’ की तैयारी का उद्देश्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बल की संचालन क्षमता को मजबूत करना है।
भारत-चीन सीमा पर क्यों अहम है यह बयान?
ITBP महानिदेशक का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना जारी रहने की बात सार्वजनिक रूप से कही गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के विभिन्न माध्यम भी सक्रिय रहे हैं। हालांकि, बयान से किसी बड़े सैन्य संघर्ष की पुष्टि नहीं होती। सीमा पर वास्तविक स्थिति, दोनों पक्षों की तैनाती और बातचीत की प्रगति को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर आमना-सामना जारी रहने की पुष्टि ITBP प्रमुख शत्रुजीत कपूर ने की है। उन्होंने ‘शौर्य कमांडो’ की भूमिका की सराहना की, जबकि कांग्रेस ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। सीमा की स्थिति से जुड़े नए तथ्यों के लिए आधिकारिक अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।






















