नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA गठबंधन की रैली में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है, इसलिए रैली में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता। हालांकि, उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
संजय सिंह ने दावा किया कि SIR के नाम पर देशभर में 13 करोड़ 37 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग भी दोहराई।
1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होगी AAP
संजय सिंह ने कहा कि एक नवंबर को होने वाली रैली INDIA गठबंधन की ओर से आयोजित की जा रही है। आम आदमी पार्टी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है। ऐसे में पार्टी इस रैली में शामिल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि AAP मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अपनी लड़ाई अलग तरीके से जारी रखेगी।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
SIR को लेकर संजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के नाम पर देशभर में 13.37 करोड़ वोट काटे गए हैं। संजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी योग्य मतदाता का नाम नहीं काटा जाना चाहिए।
पश्चिम बंगाल और दिल्ली के चुनाव पर भी उठाए सवाल
संजय सिंह ने ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ यानी तार्किक विसंगतियों के आधार पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इस प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं तो पश्चिम बंगाल में हुए चुनाव की वैधता की जांच होनी चाहिए।
दिल्ली का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विधानसभा क्षेत्र में ही मतदाता सूची से करीब 40 हजार नाम हटाए गए। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव को भी रद्द कर दोबारा कराने की मांग की।
बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र में दोबारा चुनाव की मांग
AAP सांसद ने बिहार, हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में मतदाता सूची से जुड़े कथित विवादों का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि जहां चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, वहां चुनाव रद्द कर दोबारा कराए जाने चाहिए। उनकी मांग लोकसभा और विधानसभा चुनावों दोनों पर लागू होती है।
SIR को लेकर क्यों बढ़ रहा है राजनीतिक विवाद?
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची को अपडेट और सत्यापित करने की प्रक्रिया है। इसके तहत योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने, अपात्र नाम हटाने और मतदाता सूची में मौजूद गलतियों को सुधारने का काम किया जाता है। हालांकि, विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों और राजनीतिक आरोपों के बीच मतदाता सूची की शुद्धता तथा पारदर्शिता का मुद्दा चर्चा में है।
फिलहाल, आम आदमी पार्टी ने INDIA गठबंधन की रैली से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है, लेकिन SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखने की बात कही है।






















