
दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने मेट्रो फेज-V(A) परियोजना को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद 12,014.91 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत तीन नए कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।

ST.News Desk
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बुधवार को दिल्ली मेट्रो फेज-V(A) परियोजना को मंजूरी दी गई। यह फैसला राजधानी के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को मजबूत और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि 12,014.91 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में दिल्ली सरकार 2,940.46 करोड़ रुपये का योगदान देगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह परियोजना उनके “7-C विजन” — कॉमन, कनेक्टेड, कन्वीनियंट, कंजेशन-फ्री, चार्ज्ड, क्लीन और कटिंग-एज मोबिलिटी — के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को सशक्त करना ट्रैफिक जाम कम करने और वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
फेज-V(A) के तहत तीन कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है —
आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा होते हुए)
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज
एरोसिटी से इंदिरा गांधी घरेलू टर्मिनल-1
कुल 13 प्रस्तावित स्टेशनों में से 10 भूमिगत और 3 एलिवेटेड होंगे।
आरके आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर
यह 9.91 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा, जिसमें 9 स्टेशन शामिल होंगे और यह सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इससे कार्तव्य भवन परिसर सहित कई प्रमुख प्रशासनिक और सांस्कृतिक स्थलों को सीधा कनेक्शन मिलेगा। अनुमान है कि इससे करीब 60,000 सरकारी कर्मचारी और लगभग दो लाख दैनिक यात्री लाभान्वित होंगे।
इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत 9,570.40 करोड़ रुपये है, जिसमें दिल्ली सरकार 2,337.24 करोड़ रुपये देगी।
एरोसिटी–आईजीडी टर्मिनल-1 कॉरिडोर
2.26 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में एक स्टेशन होगा। इससे इंदिरा गांधी घरेलू हवाई अड्डा टर्मिनल-1 तक सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होगा। इसकी अनुमानित लागत 1,419.64 करोड़ रुपये है, जिसमें दिल्ली सरकार का योगदान 351.86 करोड़ रुपये रहेगा।
तुगलकाबाद–कालिंदी कुंज कॉरिडोर:
3.9 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में तीन स्टेशन होंगे और यह दक्षिण व दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा।
इसकी अनुमानित लागत 1,024.87 करोड़ रुपये है, जिसमें दिल्ली सरकार 251.36 करोड़ रुपये देगी।
फेज-V(A) की मंजूरी के साथ ही दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के और विस्तार का रास्ता साफ हो गया है, जिससे राजधानी में सुगम, स्वच्छ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी।

