
यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे बिहार की बेटियों की सुरक्षा पर लगा एक गहरा और भयावह प्रश्नचिह्न है
ST.News Desk

पटना में एक मेहनती छात्रा, जो अपने उज्ज्वल भविष्य के सपने संजोए हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी, उसे दरिंदगी का शिकार बनाकर मौत के मुँह में धकेल दिया गया। यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे बिहार की बेटियों की सुरक्षा पर लगा एक गहरा और भयावह प्रश्नचिह्न है।
कांग्रेस नेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस विचार विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक मनोज कुमार सिंह ने इस घटना पर गहरा दुःख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जिस राज्य में छात्राएँ हॉस्टल जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों पर भी सुरक्षित न हों, वहाँ विकास और सुशासन के दावे पूरी तरह खोखले हैं। पीड़िता के शरीर पर गंभीर चोटों के स्पष्ट निशान होने के बावजूद प्रशासन की चुप्पी और कार्रवाई में की जा रही देरी अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि पीड़िता के माता-पिता की आँखों में आज भी न्याय की आस है, लेकिन सरकार और प्रशासन की बेरुखी उस उम्मीद को लगातार तोड़ रही है। यह मामला केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि शासन की संवेदनशीलता, नैतिक जिम्मेदारी और इंसानियत की कसौटी का भी है।
मनोज कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें, निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित कराएं तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएं, ताकि बिहार की बेटियों का कानून और व्यवस्था पर भरोसा कायम रह सके।

