crossorigin="anonymous"> इंद्रपुरी के जेम्स इंग्लिश स्कूल में धर्मांतरण और दुष्कर्म का मामला उजागर, बाल कल्याण समिति ने की सख्त कार्रवाई की मांग - Sanchar Times

इंद्रपुरी के जेम्स इंग्लिश स्कूल में धर्मांतरण और दुष्कर्म का मामला उजागर, बाल कल्याण समिति ने की सख्त कार्रवाई की मांग

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हैदर अली, संचार टाइम्स ब्यूरो रोहतास

रोहतास, बिहार – रोहतास जिले के इंद्रपुरी स्थित एक मिशनरी स्कूल जेम्स इंग्लिश स्कूल इन दिनों गंभीर आरोपों के चलते पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। विद्यालय पर शिक्षा की आड़ में धर्मांतरण और आवासीय परिसर में किशोरियों के साथ दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देने के आरोप लगे हैं।

बाल कल्याण समिति द्वारा की गई जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिसके बाद जिला प्रशासन और केंद्र सरकार के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

शिक्षा की आड़ में धर्मांतरण का खुलासा

जिला बाल कल्याण समिति ने जब इंद्रपुरी स्थित जेम्स इंग्लिश स्कूल का निरीक्षण किया, तो पाया कि स्कूल परिसर में संचालित सिलाई-बुनाई केंद्र के माध्यम से गरीब बच्चों को पैसों और अन्य लालच देकर एक विशेष धर्म की मान्यताओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। समिति ने इसे धर्मांतरण की गंभीर साजिश करार देते हुए विद्यालय प्रबंधन पर उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की सिफारिश की है।

दुष्कर्म का मामला भी आया सामने

जांच के दौरान उस समय स्थिति और भयावह हो गई, जब विद्यालय से एक किशोरी के लापता होने की प्राथमिकी के बाद बाल कल्याण समिति की टीम मौके पर पहुंची। वहां एक किशोरी को रोते हुए पाया गया, जिसे तुरंत अस्पताल भेजा गया और बाद में बाल कल्याण समिति के समक्ष लाया गया। किशोरी ने बताया कि उसके साथ चार लोगों ने मिलकर दुष्कर्म किया।

मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पीड़िता को कैमूर के बालिका गृह भेज दिया गया है। समिति ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन पर दबाव, कार्रवाई की मांग तेज

जिले में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा संस्थानों की जवाबदेही को लेकर यह मामला अब तूल पकड़ चुका है। जिला बाल कल्याण समिति ने केंद्रीय गृह सचिव, जिला अधिकारी (DM) सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर जेम्स इंग्लिश स्कूल पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्रदेश भर में इस घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है और स्थानीय लोग भी न्याय की मांग कर रहे हैं।

बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले संस्थानों में इस तरह की घटनाएं न केवल मानवता को शर्मसार करती हैं, बल्कि समाज में गहरे अविश्वास का कारण भी बनती हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है।


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