- राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अरुणाचल प्रदेश में चीन ने कुछ जगह भारतीय सेना की पेट्रोलिंग रोकी है.
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने Taksing के पास PLA की मौजूदगी और Shera-5 तक पहुंच को लेकर सरकार से जवाब मांगा.
- भारतीय रक्षा अधिकारियों ने हाल की चीनी घुसपैठ की रिपोर्टों को अपुष्ट बताते हुए खारिज किया है.
अरुणाचल प्रदेश में चीन को लेकर सियासी घमासान
ST.News Desk
अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित गतिविधियों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी LAC के कुछ इलाकों में भारतीय सैनिकों को पेट्रोलिंग करने से रोका है. उन्होंने इस स्थिति को बेहद चिंताजनक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए.
हालांकि राहुल गांधी के इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. भारतीय रक्षा अधिकारियों ने अरुणाचल प्रदेश में नई चीनी घुसपैठ से जुड़ी हालिया रिपोर्टों को अपुष्ट और बिना पर्याप्त आधार वाला बताया है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी कहा है कि भारतीय सेना सीमा पर पेट्रोलिंग और सुरक्षा का काम कर रही है.

राहुल गांधी ने मीडिया पर दबाव का भी लगाया आरोप
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए दावा किया कि चीन को रोकने के बजाय सरकार इस मामले से जुड़ी खबरों को दबाने के लिए मीडिया पर दबाव बना रही है. उन्होंने कहा कि यदि भारतीय सेना को ऐसे इलाकों में पेट्रोलिंग से रोका जा रहा है, जहां वह पहले गश्त करती रही है, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है.
राहुल गांधी ने सरकार पर पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय प्रधानमंत्री की छवि बचाने पर ज्यादा ध्यान दे रही है. कांग्रेस नेता के ये आरोप ऐसे समय आए हैं जब अरुणाचल प्रदेश के Taksing इलाके को लेकर नई रिपोर्टों के बाद भारत-चीन सीमा की स्थिति एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है.
गलवान के बाद के बयान का किया जिक्र
राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया में 2020 के गलवान संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का भी जिक्र किया. राहुल का आरोप है कि उस समय भी सरकार ने वास्तविक स्थिति को देश के सामने पर्याप्त स्पष्टता से नहीं रखा और इससे भारत के हितों को नुकसान पहुंचा.
2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इसमें 20 भारतीय सैनिकों की मौत हुई थी, जबकि चीन ने अपने चार सैनिकों की मौत की पुष्टि की थी. इसके बाद दोनों देशों के बीच LAC पर लंबे समय तक सैन्य तनाव बना रहा.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने Taksing और Shera-5 पर पूछे सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में चीन की कथित गतिविधियों को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.
खड़गे ने सवाल किया कि क्या चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLA ने Taksing के पास अपनी मौजूदगी बढ़ाई है और क्या भारत की Shera-5 तक नियमित पहुंच प्रभावित हुई है. उन्होंने Shera-5 को एक निर्धारित पेट्रोलिंग पॉइंट बताते हुए इस मामले पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की.
खड़गे ने यह सवाल भी उठाया कि संवेदनशील सीमा क्षेत्र में सर्दियों के दौरान भारतीय पेट्रोलिंग कथित रूप से सीमित क्यों रहती है और स्थानीय समुदायों के पारंपरिक चरागाह तथा शिकार वाले इलाकों तक पहुंच में बदलाव क्यों आ रहा है. उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और सीमा पर किसी भी तरह के बदलाव को बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए.
Taksing को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
अरुणाचल प्रदेश के Upper Subansiri जिले में स्थित Taksing एक संवेदनशील सीमावर्ती इलाका है. हालिया रिपोर्टों में यहां भारत और चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर सवाल उठे हैं.
Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई के आखिर में Taksing के पास भारतीय और चीनी सैन्य गश्ती दलों के आमने-सामने आने की खबर सामने आई थी. रिपोर्ट में स्थानीय संगठनों की ओर से भी चीनी गतिविधियां बढ़ने की आशंका जताई गई थी. हालांकि अरुणाचल प्रदेश के लिए भारतीय रक्षा प्रवक्ता ने इन रिपोर्टों को अपुष्ट और असत्यापित बताया.
चीन का कहना है कि भारत-चीन सीमा पर स्थिति सामान्य तौर पर स्थिर है और दोनों देश राजनयिक तथा सैन्य माध्यमों से संपर्क बनाए हुए हैं. वहीं भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सीमा पर शांति और स्थिरता भारत-चीन के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
आरोप और आधिकारिक पक्ष में अंतर
फिलहाल राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से उठाए गए सवाल राजनीतिक आरोप और रिपोर्टों पर आधारित हैं. भारतीय सेना या केंद्र सरकार ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना को किसी निर्धारित पेट्रोलिंग पॉइंट तक जाने से स्थायी रूप से रोक दिया है.
ऐसे में Taksing और Shera-5 की वास्तविक जमीनी स्थिति को लेकर सरकार की विस्तृत आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी. कांग्रेस जहां इस मुद्दे पर केंद्र से जवाब और पारदर्शिता मांग रही है, वहीं रक्षा अधिकारियों का पक्ष है कि नई चीनी घुसपैठ के दावे प्रमाणित नहीं हैं.

