दिल्ली: प्रदर्शन के बीच पुलिस ने अरविंद केजरीवाल को हिरासत में लिया
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2026। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी CJP प्रदर्शन के बीच भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने हिरासत, कथित धमकी और उत्पीड़न का सामना कर रहे लोगों की सहायता के लिए कानूनी हेल्पलाइन शुरू की है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हेल्पलाइन नंबर 9582223884 है। युवा कांग्रेस के अनुसार, इसके जरिए प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कानूनी मदद मांगी जा सकती है।
खबर की 4 बड़ी बातें
- हेल्पलाइन शुरू: भारतीय युवा कांग्रेस ने CJP प्रदर्शन को कानूनी सहायता देने के लिए हेल्पलाइन जारी की।
- हेल्पलाइन नंबर: 9582223884 — रिपोर्ट के मुताबिक, इस नंबर पर हिरासत या कथित धमकी से जुड़े मामलों की शिकायत की जा सकती है।
- CJP नेताओं को हिरासत में लिया गया: अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने पर विमान से हिरासत में लिया गया।
- SIR पर सियासी टकराव: प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं।
विमान से हिरासत में लिए गए CJP नेता
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और संगठन के अन्य नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद IGI एयरपोर्ट पर विमान के भीतर हिरासत में लिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने यह कार्रवाई जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले की। दीपके ने इस दौरान कहा कि वे गिरफ्तार होने के लिए ही दिल्ली आए हैं।
SIR को लेकर क्यों हो रहा है विरोध?
CJP और प्रदर्शन से जुड़े समूह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने SIR का बचाव करते हुए कहा है कि मतदाता सूची से मृत, स्थान बदल चुके या एक से अधिक जगह दर्ज मतदाताओं के नामों की जांच करना जरूरी है।
इस तरह विवाद का केंद्र मतदाता सूची की शुद्धता, प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकार हैं। आरोपों और उनके जवाबों का आकलन आधिकारिक आंकड़ों तथा स्वतंत्र सत्यापन के आधार पर किया जाना चाहिए।
हिरासत के आंकड़े पर क्या जानकारी है?
प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग आंकड़े सामने आए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की शुरुआती रिपोर्ट में कम-से-कम 500 लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात कही गई, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में संख्या करीब 1,500 बताई गई। इसलिए अंतिम आंकड़े के लिए दिल्ली पुलिस की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
























