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EIL ने रचा वैश्विक इतिहास, ब्रह्मपुत्र के नीचे 26-इंच पाइपलाइन के लिए सबसे लंबी एचडीडी क्रॉसिंग पूरी

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यह उपलब्धि भारत के ऊर्जा अवसंरचना विकास में एक बड़ी इंजीनियरिंग सफलता मानी जा रही है

ST.News Desk


नई दिल्ली: इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) ने 26-इंच पाइपलाइन के लिए दुनिया की सबसे लंबी हॉरिज़ॉन्टल डायरेक्शनल ड्रिलिंग (HDD) क्रॉसिंग सफलतापूर्वक पूरी कर एक ऐतिहासिक वैश्विक उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि भारत के ऊर्जा अवसंरचना विकास में एक बड़ी इंजीनियरिंग सफलता मानी जा रही है।

यह रिकॉर्ड-तोड़ एचडीडी क्रॉसिंग ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 4,058 मीटर लंबी है, जो इसी पारादीप–नुमालीगढ़ कच्चा तेल पाइपलाइन (PNCPL) परियोजना के तहत गंगा नदी में पहले स्थापित 4,027 मीटर के ईआईएल के अपने ही विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ती है। यह सफलता कठिन भू-वैज्ञानिक और जल-वैज्ञानिक परिस्थितियों में जटिल परियोजनाओं को अंजाम देने की ईआईएल की क्षमता को दर्शाती है।

इस मील के पत्थर को पाइपलाइन के सफल पुलबैक के साथ हासिल किया गया, जिसे एचडीडी कार्यों का सबसे चुनौतीपूर्ण और तकनीकी रूप से जटिल चरण माना जाता है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपलब्धि बड़े व्यास की पाइपलाइन निर्माण के क्षेत्र में एक वैश्विक मानक स्थापित करती है।

PNCPL परियोजना, जो नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) के लिए विकसित की जा रही 1,635 किलोमीटर लंबी रणनीतिक कच्चा तेल पाइपलाइन है, ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से असम के नुमालीगढ़ तक आयातित कच्चे तेल के परिवहन के लिए बनाई जा रही है। यह पाइपलाइन ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और कई पूर्वोत्तर राज्यों से होकर गुजरती है, जिससे देश के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा कॉरिडोर तैयार होगा।

परियोजना के चालू होने के बाद इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, एनआरएल की रिफाइनरी विस्तार योजनाओं को समर्थन मिलेगा और पूर्वी व पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बेहतर अवसंरचना तथा रोजगार सृजन के माध्यम से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

ईआईएल ने कहा कि ब्रह्मपुत्र क्रॉसिंग का सफल निष्पादन राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना को समय पर पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कंपनी ने इस जटिल इंजीनियरिंग कार्य को संभव बनाने में एनआरएल, कार्यान्वयन एजेंसियों और अन्य हितधारकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।


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