- EPFO Wage Ceiling 15,000 से बढ़कर 25,000 रुपए.
करीब 11 साल बाद Salary Limit में बदलाव.
51 लाख से ज्यादा नए कर्मचारी Coverage में आ सकते हैं.
PF, Pension और Insurance का दायरा बढ़ेगा.
Wage Ceiling में 10,000 रुपए की बढ़ोतरी.
बढ़ोतरी करीब 66.7%.नए Members की Take Home Salary पर असर संभव.
Employers का Contribution और Compliance बढ़ सकता है.
सरकारी सालाना खर्च करीब 11,339 करोड़ रुपए अनुमानित.
अब Official Notification और Effective Date का इंतजार.
कर्मचारियों की Social Security से जुड़ा बड़ा फैसला हुआ है. केंद्र सरकार ने EPFO के तहत Mandatory Coverage के लिए Salary Limit को 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी EPFO के दायरे में आ सकते हैं. यानी 15,000 से 25,000 रुपए के Wage Band में आने वाले बड़ी संख्या में कर्मचारियों को अब PF, Pension और Insurance जैसी सुविधाओं का फायदा मिल सकता है.
क्या है खास?
EPFO की Wage Ceiling में करीब 11 साल बाद बदलाव किया गया है. आखिरी बार सितंबर 2014 में सीमा बढ़ाकर 15,000 रुपए की गई थी. अब इसे 25,000 रुपए करने की मंजूरी दी गई है. यानी सीमा में सीधे 10,000 रुपए या करीब 66.7% की बढ़ोतरी हुई है. सरकार का कहना है कि पिछले एक दशक में वेतन, आय और Formal Employment बढ़ा है, इसलिए Social Security की सीमा को भी मौजूदा Salary Levels के हिसाब से अपडेट करना जरूरी था.
अभी तक अगर कोई नया कर्मचारी 15,000 रुपए से ज्यादा की पात्र Salary पर नौकरी जॉइन करता था और पहले से EPF Member नहीं था, तो वह Mandatory EPF Coverage से बाहर रह सकता था. नई सीमा लागू होने के बाद 15,000 से 25,000 रुपए के Salary Band वाले बड़ी संख्या में कर्मचारी Automatic Social Security Coverage के दायरे में आ जाएंगे.
कर्मचारी को क्या फायदा?
इस फैसले का फायदा सिर्फ PF Saving तक सीमित नहीं रहेगा. EPFO Coverage में आने वाले कर्मचारियों को EPF के जरिए Retirement Saving, EPS के तहत Pension और EDLI Scheme के तहत Insurance Protection भी मिलता है. यानी नई सीमा से लाखों कर्मचारियों के लिए Long-Term Financial Security मजबूत हो सकती है.
हालांकि इसका एक दूसरा पहलू भी है. जो कर्मचारी अभी PF Contribution नहीं दे रहे हैं और नए नियम के बाद Mandatory Coverage में आएंगे, उनकी Take Home Salary कुछ कम हो सकती है क्योंकि Salary का एक हिस्सा EPF Contribution के रूप में कटेगा. सामान्य तौर पर कर्मचारी की ओर से PF Wage का 12% Contribution होता है. उदाहरण के तौर पर 20,000 रुपए की पात्र Salary पर 12% Contribution 2,400 रुपए और 25,000 रुपए पर 3,000 रुपए बनता है. हालांकि Actual Deduction Salary Structure और लागू Scheme Rules के हिसाब से तय होगा.
कंपनियों पर क्या असर?
इस फैसले का असर Employers पर भी पड़ेगा. ज्यादा कर्मचारियों के EPFO के दायरे में आने से कंपनियों का Employer Contribution बढ़ सकता है. Payroll System में बदलाव करने होंगे और Compliance का दायरा भी बढ़ेगा. इसका सबसे ज्यादा असर उन कंपनियों पर दिख सकता है जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी 15,000 से 25,000 रुपए के Salary Band में हैं.
सरकार पर कितना खर्च?
आपके दिए आंकड़ों के मुताबिक नई व्यवस्था के बाद सरकार का सालाना खर्च करीब 11,339 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जबकि मौजूदा Annual Budgetary Support करीब 10,250 करोड़ रुपए है. यानी सालाना करीब 1,089 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च हो सकता है. पांच साल में कुल अनुमानित खर्च करीब 56,696 करोड़ रुपए बताया गया है.
कितना बड़ा है EPFO?
EPFO देश की सबसे बड़ी Social Security Systems में से एक है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 7.68 लाख Establishments EPFO में Contribution करते हैं और करीब 7.98 करोड़ Contributing Members इससे जुड़े हैं. EPS के तहत करीब 82 लाख Pensioners को Pension Benefit मिलता है. नई Wage Ceiling लागू होने के बाद यह दायरा और बड़ा होगा.
25,000 से ज्यादा Salary वालों का क्या?
यह समझना जरूरी है कि 25,000 रुपए की सीमा का मतलब यह नहीं है कि इससे ज्यादा Salary वाले कर्मचारी PF के दायरे से बाहर हो जाएंगे. यह Mandatory Coverage से जुड़ी Wage Ceiling है. जो कर्मचारी पहले से EPF Member हैं, वे Salary बढ़ने के बाद अपने-आप EPFO से बाहर नहीं होते. कई Employers Ceiling से ऊपर की Salary पर भी PF Contribution देते हैं.
अब आगे क्या होगा?
Cabinet की मंजूरी के बाद अब Labour Ministry और EPFO को जरूरी Statutory और Administrative Steps लेने होंगे. इसके बाद Official Notification जारी होगा, जिसमें Effective Date और Detailed Rules साफ होंगे. Employers को Payroll और EPFO Compliance Systems अपडेट करने होंगे. इसलिए अभी सबसे जरूरी चीज Official Notification है, क्योंकि उसी से साफ होगा कि नई 25,000 रुपए की सीमा कब से लागू होगी और कर्मचारियों की Salary पर Actual Impact क्या पड़ेगा.
कुल मिलाकर यह फैसला EPFO Coverage को बड़े स्तर पर विस्तार देने वाला है. इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को हो सकता है जो 15,000 से 25,000 रुपए के Wage Band में हैं और अभी Mandatory EPF System से बाहर हैं. अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार Notification कब जारी करती है और नई सीमा Payroll में किस तारीख से लागू होती है.
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