‘Half Body Half Soul’ के बहाने युवाओं ने साझा की अपनी सोच, अनुभव और जीवन से जुड़े सवाल
लखनऊ, अक्टूबर 2026। 23वें लखनऊ बुक फेयर में The Creators Lounge (TCL) में आयोजित ‘Gen Z से चर्चा’ कार्यक्रम युवाओं की सोच, उनके रिश्तों, करियर, जीवन की उलझनों और बढ़ते तनाव को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच बना। चर्चा का केंद्र रही पुस्तक ‘Half Body Half Soul’, जिसके बहाने युवाओं ने अपने अनुभवों और आज की जिंदगी से जुड़े सवालों को खुलकर सामने रखा।
रिश्तों को लेकर बदल रही है Gen Z की सोच
चर्चा के दौरान युवाओं ने रिश्तों को लेकर अपनी बदलती सोच साझा की। Gen Z के लिए रिश्ते केवल पारंपरिक सामाजिक अपेक्षाओं तक सीमित नहीं हैं। वे रिश्तों में भावनात्मक जुड़ाव, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, आपसी समझ, सम्मान और मानसिक स्पेस को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।
युवाओं की बातचीत से यह सामने आया कि आज की पीढ़ी रिश्तों को केवल सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि आपसी समझ और व्यक्तिगत संतुलन के साथ देखना चाहती है।
करियर, सोशल मीडिया और तनाव भी चर्चा के केंद्र में
कार्यक्रम में बातचीत केवल रिश्तों तक सीमित नहीं रही। युवाओं ने करियर, भविष्य की अनिश्चितता, सोशल मीडिया का प्रभाव, परिवार की अपेक्षाओं और बढ़ते मानसिक तनाव जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।
तेजी से बदलती दुनिया में युवाओं के सामने अवसर बढ़े हैं, लेकिन साथ ही प्रतिस्पर्धा और अपेक्षाओं का दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में खुद की पहचान बनाए रखना और जीवन में संतुलन कायम करना Gen Z के सामने बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया।
क्या युवा किताबों से दूर हो रहे हैं?
‘Gen Z से चर्चा’ ने उस धारणा पर भी सवाल खड़ा किया कि आज की युवा पीढ़ी किताबों से दूर होती जा रही है।
लखनऊ बुक फेयर में युवाओं की सक्रिय भागीदारी से संकेत मिलता है कि नई पीढ़ी किताबों में रुचि रखती है, लेकिन उसकी पसंद का दायरा बदल रहा है। युवा मनोरंजन से जुड़ी पुस्तकों के साथ-साथ राष्ट्र, समाज, आत्मचिंतन, आध्यात्मिकता और जीवन के गहरे सवालों से जुड़ी किताबों में भी रुचि दिखा रहे हैं।
‘Battle of Minds’ और ‘The Spiritual Monk of India’ जैसी विचारोत्तेजक पुस्तकों के प्रति युवाओं की रुचि बताती है कि आज का युवा केवल तैयार जवाब नहीं चाहता, बल्कि नए सवालों और अलग-अलग दृष्टिकोणों को भी समझना चाहता है।
‘Half Body Half Soul’ बनी संवाद की शुरुआत
इसी संदर्भ में ‘Half Body Half Soul’ पर हुई चर्चा केवल पुस्तक परिचर्चा तक सीमित नहीं रही। किताब ने युवाओं को अपनी जिंदगी, रिश्तों और व्यक्तिगत अनुभवों पर विचार करने का अवसर दिया।
एक पुस्तक से शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे युवाओं की वास्तविक जिंदगी से जुड़े सवालों तक पहुंची। यही इस चर्चा की सबसे खास बात रही।
The Creators Lounge ने नई आवाजों को दिया मंच
कार्यक्रम The Creators Lounge (TCL) की उस मूल भावना से भी जुड़ा है, जिसका उद्देश्य नई रचनाओं और रचनाकारों को Voice, Vision और Value देना है।
The Creators Lounge लेखकों, कलाकारों, फोटोग्राफरों, कहानीकारों और अलग-अलग क्षेत्रों के रचनाकारों को ऐसा साझा मंच उपलब्ध करा रहा है, जहां वे सीधे पाठकों और दर्शकों से संवाद कर सकें।
TCL की गतिविधियों में Author Talks, Book Launches, Panel Discussions, Workshops और Open Mic जैसी पहल शामिल हैं। इनका उद्देश्य केवल पुस्तकों या रचनाओं का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि रचनाकार और पाठक के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है।
स्थापित विचारों और नई सोच का मिलन
लखनऊ बुक फेयर में अलग-अलग पीढ़ियों की भागीदारी के बीच The Creators Lounge ऐसा स्थान बनकर सामने आ रहा है, जहां स्थापित विचारों और नई सोच के बीच संवाद हो रहा है।
यहां युवा केवल किताबें पढ़ने तक सीमित नहीं हैं। वे किताबों में मौजूद विचारों को अपने जीवन से जोड़ रहे हैं, सवाल पूछ रहे हैं और अपनी व्याख्या भी सामने रख रहे हैं।
Gen Z के सवाल क्या हैं?
‘Gen Z से चर्चा’ से निकलकर सामने आए सवाल आज की युवा पीढ़ी की वास्तविक चिंताओं को भी सामने रखते हैं—
रिश्तों को बदलते समय में कैसे समझा जाए?
जिंदगी को अपनी शर्तों पर कैसे जिया जाए?
तनाव और दबाव के बीच खुद को कैसे संभाला जाए?
परिवार और समाज की अपेक्षाओं के बीच अपनी पहचान कैसे बनाए रखें?
करियर और निजी जिंदगी के बीच संतुलन कैसे कायम किया जाए?
इन सवालों के आसान जवाब शायद एक ही जगह नहीं मिल सकते, लेकिन ऐसे संवाद युवाओं को अपनी बात रखने और दूसरों के विचार समझने का अवसर जरूर देते हैं।
संवाद का मंच बना The Creators Lounge
‘Half Body Half Soul’ के बहाने हुई यह चर्चा इस बात का उदाहरण बनी कि एक किताब केवल पढ़ने की वस्तु नहीं होती। वह बातचीत, सवाल और विचारों की शुरुआत भी कर सकती है।
The Creators Lounge इसी संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है—जहां हर आवाज को सुना जाए, हर विचार को जगह मिले और हर रचनाकार को अपनी कहानी और अपनी सोच लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिले।
























