Skip to content
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • Facebook
Sanchar Times

Sanchar Times

Hindi NEWS

  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
    • दिल्ली/NCR
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हिमाचल
  • राजनीति
    • भाजपा
    • कांग्रेस
    • चुनाव
  • खेल
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • संपादकीय
  • सोशल मीडिया
  • Toggle search form
श्रेणियांराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया
होम पर वापस जाएंराष्ट्रीय
mamta banerji

IPAC रेड मामले में ED की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस, ममता बनर्जी, DGP और कमिश्नर को नोटिस

Posted on January 15, 2026January 15, 2026 By Chhavi Singh

ST.News Desk

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में IPAC पर हुई रेड के मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को जोरदार बहस हुई। ED ने आरोप लगाया कि रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस ने जांच में बाधा डाली। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसे “बेहद चौंकाने वाली घटना” बताया और कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं छापे वाली जगह पहुंचीं, जिससे जांच प्रभावित हुई।

मेहता ने कोर्ट को बताया कि ED पीएमएलए की धारा 17 के तहत कार्रवाई कर रही थी, लेकिन राज्य पुलिस ने राजनीतिक तरीके से काम किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त किया गया तो इससे केंद्रीय एजेंसियों का मनोबल टूटेगा। उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग की। इस पर जस्टिस मिश्रा ने सवाल किया कि क्या कोर्ट सीधे सस्पेंड करे, जिस पर मेहता ने सक्षम प्राधिकरण को निर्देश देने की बात कही।

सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्य के DGP और पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जांच में दखल के आरोपों पर जवाब जरूरी है।

मेहता ने यह भी आरोप लगाया कि कलकत्ता हाईकोर्ट की सुनवाई से पहले TMC कार्यकर्ताओं ने कोर्ट परिसर को “जंतर-मंतर” में बदल दिया और सुनवाई में बाधा डाली गई। ED का दावा है कि उनके वकील को ठीक से बहस नहीं करने दी गई और माइक बार-बार म्यूट किया गया।

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और कल्याण बनर्जी ने पक्ष रखा। सिब्बल ने आरोपों को “कलरिंग” बताया और कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सभी उपकरण जब्त करने का दावा गलत है। उन्होंने कहा कि केवल प्रतीक जैन का लैपटॉप और आईफोन लिया गया, जिसमें चुनावी जानकारी थी, और कोई बाधा नहीं डाली गई।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है और राज्य सरकार से जवाब तलब किया गया है।

राष्ट्रीय

Post navigation

Previous Post: India vs New Zealand 2nd ODI Free LIVE Score Updates: राजकोट में दूसरा वनडे, टॉस हारकर भारत की बल्लेबाजी
Next Post: मुजफ्फरपुर में मां और तीन मासूम बच्चों की नृशंस हत्या, नदी किनारे बंधे मिले शव

Special Report

  • GENDER IDENTITY 1
    जेंडर आइडेंटिटी पर बढ़ती बहस: युवाओं, सोशल मीडिया और चिकित्सा से जुड़े सवाल
  • OnePlus 16
    OnePlus 16 भारत में नहीं आएगा? नए फ्लैगशिप को लेकर बड़ा दावा, 16R की हो सकती है एंट्री
  • tukaram mude
    Maharashtra FDA Action : तुकाराम मुंडे का ‘सिंघम’ एक्शन, McDonald’s से स्कूलों तक सख्ती; जानिए क्यों मचा हड़कंप
  • सासाराम में आरक्षण पर बोले मंत्री लखेंद्र पासवान, कहा- NDA सरकार में कोई छू भी नहीं सकता
  • दिल्ली में नाबालिगों से रेप और गैंगरेप के दो मामले, पुलिस की कार्रवाई तेज
  • गाजियाबाद की हाईराइज सोसायटी की लिफ्ट में शख्स ने किया पेशाब, CCTV वीडियो वायरल
  • कानपुर देहात की टायर फैक्ट्री में भीषण आग, दो मजदूरों की मौत
  • गाजियाबाद में चेन स्नैचर से पुलिस की मुठभेड़, पैर में लगी गोली; साथी फरार

Sanchaar Times

देश-दुनिया, राजनीति, बिजनेस, खेल और मनोरंजन की ताजा खबरें हिंदी में पढ़ें।

Quick Links

होम
हमारे बारे में
संपर्क करें
Privacy Policy
Disclaimer

प्रमुख श्रेणियां

राष्ट्रीय
राज्य
राजनीति
बिजनेस
खेल
मनोरंजन

हमसे संपर्क करें

Editor/Chief Editor: Pankaj Kumar
Office Address: 190, Pratap Nagar, Mayur Vihar Phase-1, Delhi – 110091
Email: sanchartimes.news@gmail.com
Media: Email-media@sanchartimes.news

Follow us on Social Media

  • Facebook
  • YouTube
  • Instagram
  • X
  • WhatsApp

© Sanchar Times. All Rights Reserved.

Powered by PressBook WordPress theme

होमराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया