सासाराम/रोहतास। रिपोर्ट/हैदर अली, रोहतास ब्यूरो चीफ।
सासाराम के जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में इतिहास लेखन की भारतीय परंपरा विषय पर दशम युवा इतिहासकार राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री संजय टाइगर और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने संयुक्त रूप से किया। संगोष्ठी में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा समेत कई शिक्षाविद और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इतिहास लेखन की भारतीय परंपरा पर हुआ मंथन
संगोष्ठी में इतिहास लेखन की भारतीय परंपरा और इतिहास के विभिन्न स्रोतों तथा दृष्टिकोणों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व सांसद गोपाल नारायण सिंह और नवीनगर विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवा इतिहासकारों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने इतिहास से जुड़े विषयों पर अपने शोध प्रस्तुत किए। आयोजकों के अनुसार संगोष्ठी में 200 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने इतिहास को लेकर कही ये बात
उच्च शिक्षा मंत्री संजय टाइगर ने कहा कि भारत के इतिहास के विभिन्न पहलुओं को सामने लाना समय की जरूरत है। उन्होंने भारतीय इतिहास की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए इतिहास लेखन में भारतीय दृष्टिकोण को भी महत्व देने की बात कही। उन्होंने इतिहास की पुस्तकों में विदेशी आक्रमणों और भारतीय इतिहास के विभिन्न अध्यायों के प्रस्तुतिकरण को लेकर भी अपनी बात रखी।
शिक्षा मंत्री बोले- इतिहास का पुनर्जागरण जरूरी
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना इतिहास के पुनर्जागरण की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास को उसके विभिन्न स्रोतों और संदर्भों के साथ समझने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षा को विकसित भारत की नींव बताते हुए इतिहास के अध्ययन और उसके पुनर्पाठ को महत्वपूर्ण बताया।
देशभर से पहुंचे युवा इतिहासकार और शोधार्थी
जमुहार में आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों से युवा इतिहासकार, शिक्षक, शोधार्थी और विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम में भारतीय इतिहास लेखन की परंपरा, उसके स्रोतों और विभिन्न ऐतिहासिक आयामों पर विचार-विमर्श किया गया। पूर्व में जारी कार्यक्रम संबंधी जानकारी के अनुसार संगोष्ठी में 500 से अधिक युवा इतिहासकारों की भागीदारी प्रस्तावित थी।
कार्यक्रम को इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय मंत्री डॉ. बालमुकुंद पांडे और संगोष्ठी के समन्वयक डॉ. राम प्रकाश शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।























