- SEBI और NSE के सहयोग से बचत, निवेश और वित्तीय नियोजन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ.
- विशेषज्ञों ने सोच-समझकर निवेश करने और भ्रामक निवेश योजनाओं से सतर्क रहने का संदेश दिया.
- कार्यक्रम में 150 से अधिक छात्राओं के साथ शिक्षिकाओं और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने हिस्सा लिया.
प्रदीप कुमार सिंह
लखनऊ. कृष्णा देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) ने 7 अक्टूबर 2026 को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सहयोग से निवेशक जागरूकता एवं वित्तीय साक्षरता पर संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किया. इसमें छात्राओं, शिक्षिकाओं और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बचत, निवेश, वित्तीय नियोजन तथा सुरक्षित निवेश से जुड़ी जानकारी दी गई.

कार्यक्रम में SEBI के चीफ जनरल मैनेजर दीप मणि शाह मुख्य अतिथि और NSE की सीनियर मैनेजर श्रुति शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं. अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर सारिका दुबे ने की.
पूरी जानकारी के साथ निवेश करने का संदेश
मुख्य अतिथि दीप मणि शाह ने वित्तीय जागरूकता का महत्व समझाते हुए छात्राओं को सोच-समझकर और पूरी जानकारी के साथ निवेश करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने सरल शब्दों में प्रतिभूति बाजार से जुड़ी आवश्यक सावधानियों और निवेशकों के हितों की सुरक्षा के विषय में जानकारी दी.
कार्यक्रम के दौरान व्यक्तिगत वित्तीय नियोजन, बचत और निवेश की जरूरत तथा निवेश के विभिन्न विकल्पों पर भी चर्चा हुई. छात्राओं को वित्तीय निर्णय लेते समय जानकारी और सतर्कता का महत्व समझाया गया.
वित्तीय धोखाधड़ी और भ्रामक योजनाओं से रहें सावधान
विशिष्ट अतिथि श्रुति शर्मा ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और प्रतिभूति बाजार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. उन्होंने छात्राओं को वित्तीय धोखाधड़ी और भ्रामक निवेश योजनाओं से सावधान रहने के लिए प्रेरित किया.
उन्होंने वित्तीय निर्णय लेने से पहले संबंधित जानकारी समझने और सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया. संवादात्मक सत्र में प्रतिभागियों ने वित्तीय साक्षरता और निवेश से जुड़े सवाल पूछे तथा अपनी जिज्ञासाओं के जवाब प्राप्त किए.
पढ़ाई के साथ वित्तीय समझ भी जरूरी
प्राचार्या प्रोफेसर सारिका दुबे ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है. वित्तीय ज्ञान और सही आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता भी आवश्यक है.
उन्होंने छात्राओं को बजट बनाने की आदत विकसित करने और भविष्य की आर्थिक जरूरतों के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने का संदेश दिया.
150 से अधिक छात्राओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में 150 से अधिक छात्राओं के साथ महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे. प्रतिभागियों ने चर्चा में उत्साह के साथ हिस्सा लिया.
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सत्या शुक्ला ने किया. IQAC की संयोजक डॉ. रूपाली राजवंशी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.
























