
मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने पर जोर
हैदर अली, संचार टाइम्स ब्यूरो रोहतास

रोहतास: जिला निर्वाचन पदाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में आदर्श आचार संहिता एवं विधानसभा आम निर्वाचन 2025 से संबंधित चुनावी व्यय पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और मीडियाकर्मियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बताया गया कि 30 सितंबर को प्रकाशित निर्वाचक सूची और 10 अक्टूबर तक प्राप्त सभी प्रपत्र-6 के आधार पर मतदाताओं का परिवर्द्धन किया जाएगा, लेकिन विलोपन एवं संशोधन की कोई कार्रवाई नहीं होगी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, सभी पंजीकृत मतदाताओं को 15 दिनों के भीतर ईपिक (EPIC) कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे।
निर्वाचकों की सुविधा के लिए मतदाता सूचना पर्चियों में मतदान केंद्र और क्रम संख्या को बड़े अक्षरों में दर्ज किया गया है। जिले में कुल 2692 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 15 केंद्रों पर 1200 से अधिक मतदाता हैं। आयोग के निर्देशानुसार, जहां मतदाताओं की संख्या 1250 से अधिक है, वहां सहायक मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
सभी मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी। चेनारी विधानसभा के वे मतदान केंद्र, जिन्हें पहले स्थानांतरित किया गया था, उन्हें इस बार यथास्थान रखा जाएगा। निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु सामान्य प्रेक्षक के साथ व्यय एवं पुलिस प्रेक्षक भी नियुक्त किए जाएंगे।
06 अक्टूबर को प्रेस नोट जारी होते ही पूरे बिहार में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। सरकारी, सार्वजनिक और निजी भवनों से प्रचार सामग्री क्रमशः 24, 48 और 72 घंटे में हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही संपत्ति विरूपण अधिनियम, लाउडस्पीकर एक्ट और मोटर वाहन अधिनियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा। रैली, जुलूस व प्रदर्शन बिना अनुमति नहीं किए जा सकेंगे।
चुनाव में प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए अधिकतम व्यय सीमा ₹40 लाख निर्धारित की गई है, जिसमें नामांकन से लेकर परिणाम की घोषणा तक का समस्त खर्च शामिल होगा। प्रत्याशियों को निर्वाचन की घोषणा के 30 दिनों के भीतर अपने आय-व्यय का विवरण निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने जानकारी दी कि जिले में 22 चेकपोस्ट कार्यरत हैं जहां सघन चेकिंग की जा रही है। अब तक 74 अवैध हथियार जब्त किए जा चुके हैं और 109 लोगों पर CCA के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी भ्रामक सूचना की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि 2 घंटे के भीतर उसका खंडन या पुष्टि की जा सके।
अंत में, जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदान के दिन ईवीएम में पड़े मतों का लेखा सभी पोलिंग एजेंटों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार का भ्रम या संदेह न रहे।

