
ST.News Desk

नई दिल्ली : निवेदिता दुबे ने 30 जनवरी से एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) में सदस्य (मानव संसाधन) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। इस नियुक्ति से पहले वह AAI के पूर्वी क्षेत्र (कोलकाता) की क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत थीं, जहां वह देश के 12 हवाई अड्डों के संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
इस नियुक्ति के साथ ही निवेदिता दुबे AAI बोर्ड में सदस्य (मानव संसाधन) के रूप में पहुंचने वाली पहली महिला बन गई हैं। यह AAI के इतिहास के साथ-साथ भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए भी एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।
सदस्य (मानव संसाधन) के तौर पर निवेदिता दुबे AAI की कार्मिक नीतियों और औद्योगिक संबंधों के निर्माण, समन्वय और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके अलावा, वह वाणिज्यिक प्रबंधन से जुड़े कार्यों की भी निगरानी करेंगी। उनसे संगठन की निरंतर प्रगति को मजबूती देने और मानव संसाधन ढांचे को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।
निवेदिता दुबे के पास तीन दशकों से अधिक का व्यापक और विविध अनुभव है। उन्होंने एयरपोर्ट संचालन, मानव संसाधन प्रबंधन और एयरपोर्ट आर्थिक नियमन जैसे अहम क्षेत्रों में काम किया है। उन्होंने वर्ष 1995 में AAI में एयरपोर्ट मैनेजर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। इस दौरान उन्होंने नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल और एयरसाइड संचालन संभाला और कई गंभीर आपात स्थितियों का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया।
वर्ष 2023 में वह AAI की पूर्वी क्षेत्र की पहली महिला क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक बनी थीं। उनके कार्यकाल के दौरान पटना और पूर्णिया हवाई अड्डों पर नए टर्मिनल भवनों का उद्घाटन किया गया, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
औद्योगिक संबंधों, कर्मचारी कल्याण तथा प्रशिक्षण एवं विकास के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाने वाली निवेदिता दुबे ने जटिल श्रम मामलों का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया है। उनके नेतृत्व में औद्योगिक अशांति के कारण एक भी कार्य घंटे का नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने ट्रेड यूनियन जनमत संग्रह का संचालन किया, कर्मचारी कल्याण और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया और नेतृत्व विकास व क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का नेतृत्व किया।
निवेदिता दुबे ICAO से मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रोफेशनल और प्रमाणित प्रशिक्षक भी हैं। वह भारतीय विमानन अकादमी में फैकल्टी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं, जहां उन्होंने भविष्य के विमानन पेशेवरों के प्रशिक्षण और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

