विजयादशमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुराचारी कितना भी बड़ा और ताकतवर क्यों न हो, उसका नष्ट होना निश्चित है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने भी अधर्म और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश विजयादशमी के उस मूल भाव को दर्शाता है, जो लोगों को सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। दशहरा पर्व असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।
‘राम-राम तो कालनेमि भी करता था’, बयान को लेकर चर्चा
“राम-राम कालनेमि भी करता था। बजरंगबली की तरह आपको भी पहचानने की सामर्थ्य होनी चाहिए कि कौन सही है और कौन गलत।” इस कथन में धार्मिक प्रतीकों के माध्यम से सही और गलत के बीच अंतर पहचानने का संदेश दिया गया है। रामायण की कथा में कालनेमि छल के जरिए हनुमान जी को उनके लक्ष्य से भटकाने का प्रयास करता है। वहीं, हनुमान जी उसकी मंशा को पहचान लेते हैं और अपने कर्तव्य से विचलित नहीं होते।
इस प्रसंग का संदेश है कि केवल धार्मिक शब्दों या बाहरी दिखावे के आधार पर किसी की मंशा का आकलन नहीं करना चाहिए, बल्कि उसके आचरण और कार्यों को भी देखना चाहिए।






















