सासाराम | हैदर अली, रोहतास ब्यूरो चीफ
एंकर: बड़ी खबर सासाराम से है, जहां नौहट्टा थाना क्षेत्र से अपहरण का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कानपुर निवासी विवेक अवस्थी को मजदूर उपलब्ध कराने का झांसा देकर बुलाया गया और बाद में कथित तौर पर बंधक बनाकर कैमूर पहाड़ी के जंगल में ले जाकर छिपा दिया गया। इसके बाद उसके परिजनों से फोन पर फिरौती की मांग की गई।
मामले की जानकारी मिलते ही रोहतास पुलिस सक्रिय हो गई। साइबर नेटवर्क की मदद से पुलिस ने लोहरा थाना क्षेत्र के गुल्लू के पास जंगल में अपहृत विवेक अवस्थी के होने का पता लगाया। इसके बाद छापेमारी कर पुलिस ने आरोपी विजय उरांव को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर विवेक अवस्थी को सुरक्षित बरामद कर लिया।
मजदूर लेने पहुंचा था विवेक अवस्थी
पुलिस के मुताबिक, कानपुर का रहने वाला विवेक अवस्थी गुजरात में रहकर मजदूर सप्लाई करने का काम करता है। इसी सिलसिले में वह नौहट्टा थाना क्षेत्र में मजदूरों को लेने के लिए पहुंचा था। बताया गया कि नौहट्टा निवासी विजय उरांव ने उसे यहां सस्ते दर पर मजदूर उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। इसी बात पर विश्वास करके विवेक अवस्थी नौहट्टा पहुंचा।
जंगल में हाथ-पैर बांधकर बनाया बंधक
आरोप है कि नौहट्टा पहुंचने के बाद विवेक अवस्थी को विजय उरांव ने अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसे कैमूर पहाड़ी के जंगल में ले जाकर एक अन्य मजदूर के साथ कथित तौर पर हाथ-पैर बांधकर रखा गया। कुछ समय बाद अपहरणकर्ताओं की ओर से विवेक अवस्थी के परिजनों को फोन किया गया और उसकी रिहाई के बदले फिरौती की मांग की गई।
फिरौती की सूचना मिलते ही सक्रिय हुई साइबर पुलिस
परिजनों से फिरौती मांगे जाने की सूचना पुलिस तक पहुंची तो रोहतास पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। साइबर नेटवर्क और तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाना शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि विवेक अवस्थी को कैमूर जिले के लोहरा थाना क्षेत्र में गुल्लू के समीप जंगल में छिपाकर रखा गया है। इसके बाद पुलिस टीम ने संभावित ठिकाने पर छापेमारी की।
विजय उरांव गिरफ्तार, अपहृत बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे विजय उरांव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर विवेक अवस्थी को जंगल से बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार, अपहरण की इस घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और सहयोग करने वाले संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।
साइबर डीएसपी ने क्या बताया?
साइबर डीएसपी गौरव यादव के अनुसार, विवेक अवस्थी को विजय उरांव ने ही मजदूर उपलब्ध कराने का भरोसा देकर नौहट्टा बुलाया था। सस्ते दर पर मजदूर मिलने के झांसे में आकर विवेक यहां पहुंचा था। इसके बाद उसे बंधक बनाकर जंगल में रखा गया और उसके परिजनों से फिरौती की मांग की गई। सूचना मिलने के बाद रोहतास जिला साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और अपहृत व्यक्ति का पता लगाने में सफलता हासिल की।
बाइट — गौरव यादव, साइबर डीएसपी
पुलिस कर रही है अन्य आरोपियों की तलाश
पुलिस ने आरोपी विजय उरांव को गिरफ्तार कर लिया है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि अपहरण की वारदात में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस संभावित सहयोगियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

