सासाराम
हैदर अली, रोहतास ब्यूरो चीफ
सासाराम। निजी विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षकों को अधिक कुशल और प्रशिक्षित बनाने के उद्देश्य से सासाराम में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन रोहतास के एसपी मिस्टर राज ने किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की जिम्मेदारियों और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनकी भूमिका पर विस्तार से बात की।
निजी विद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम
सासाराम में निजी विद्यालयों के संगठन की ओर से प्राचार्य और शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में निजी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, शिक्षकों के कौशल विकास और विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य को लेकर चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुंचे रोहतास एसपी मिस्टर राज ने कहा कि निजी विद्यालयों और वहां कार्यरत शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल विद्यालय संचालन या पढ़ाई तक सीमित नहीं है।
विद्यार्थियों को बेहतर नागरिक बनाना भी शिक्षकों की जिम्मेदारी
रोहतास एसपी ने कहा कि शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें एक बेहतर नागरिक के रूप में तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में निजी विद्यालयों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। उन्होंने शिक्षकों से अपने ज्ञान और कौशल को लगातार बेहतर बनाने तथा समय के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त करने की अपील की। एसपी ने कहा कि शिक्षक जितने अधिक कुशल और प्रशिक्षित होंगे, उसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके भविष्य पर पड़ेगा।
असफलता से निराश नहीं होने की दी सीख
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एसपी मिस्टर राज ने शिक्षकों और उपस्थित लोगों को जीवन में आने वाली चुनौतियों को लेकर भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी असफलताओं से हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार परिस्थितियां हमारे अनुकूल नहीं होती हैं, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना जरूरी है। अगर व्यक्ति कठिन समय में धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ता है तो सफलता हासिल की जा सकती है।
वर्तमान समय में शिक्षकों की भूमिका अहम
एसपी ने कहा कि आज के समय में बच्चों के व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान देना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान निजी विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं संगठन से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।

