ST.News Desk
धुरंधर 2: द रिवेंज की रिलीज के बाद से ही इसके क्लाइमेक्स और एंडिंग ने दर्शकों को चौंका दिया है। रणवीर सिंह की यह फिल्म एक्शन और सस्पेंस के साथ-साथ अपने जबरदस्त ट्विस्ट के कारण ब्लॉकबस्टर बन चुकी है।
फिल्म के अंत में ऐसा खुलासा होता है जो पूरी कहानी को नई दिशा दे देता है। क्लाइमेक्स में रणवीर सिंह का किरदार मेजर इकबाल को खत्म करने के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हाथों पकड़ लिया जाता है। उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया जाता है और ऐसा लगता है कि अब उसका बचना मुश्किल है।
तभी कहानी में बड़ा मोड़ आता है। आर माधवन एक पाकिस्तानी अधिकारी को ब्लैकमेल कर डील करते हैं और रणवीर को छुड़ाने में सफल होते हैं। हालांकि डील कैसे होती है, यह फिल्म में ही देखने को मिलता है। इसके बाद घायल हालत में रणवीर को एक सुनसान जगह छोड़ दिया जाता है, जहां एक कार उसे लेने आती है। यहीं पर असली ट्विस्ट सामने आता है—कार में बैठा शख्स ही असली “धुरंधर” होता है।
जब उसका चेहरा सामने आता है, तो पता चलता है कि वह कोई और नहीं बल्कि पाकिस्तानी राजनेता जमील जमाली है, जिसका किरदार राकेश बेदी ने निभाया है। फिल्म में खुलासा होता है कि जमील जमाली पिछले 45 सालों से पाकिस्तान में रहकर एक भारतीय एजेंट के रूप में काम कर रहा है। उसने धीरे-धीरे वहां की राजनीति और सिस्टम में अपनी गहरी पकड़ बना ली है।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब होता है जब वह बताता है कि उसने पहले ही अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को स्लो पॉइजन दे दिया है। यह ट्विस्ट दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक और अप्रत्याशित साबित होता है। फिल्म के अंत में वह रणवीर के किरदार जसकीरत को आगे बढ़ने और अपनी पुरानी जिंदगी को भूलने की सलाह देता है। इसके बाद जसकीरत भारत लौटकर अपने गांव पठानकोट पहुंचता है।
क्रेडिट्स के साथ यह भी संकेत मिलता है कि जसकीरत एक नई पहचान “हमजा” के रूप में अपने अगले मिशन की तैयारी कर रहा है।
हालांकि जमील जमाली का किरदार पूरी तरह काल्पनिक है, लेकिन फिल्म यह दिखाती है कि कैसे असल जिंदगी में भी कई एजेंट वर्षों तक दुश्मन देश में रहकर गुप्त मिशनों को अंजाम देते हैं।

