crossorigin="anonymous"> डॉ. गिरिजा व्यास की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, जनसेवा और नारी सशक्तिकरण की विरासत को किया याद - Sanchar Times

डॉ. गिरिजा व्यास की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, जनसेवा और नारी सशक्तिकरण की विरासत को किया याद

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मनोज सिंह ने Girija Vyas के जीवन को किया नमन, कहा-स्वतंत्रता सेनानियों की पुत्री होते हुए उन्होंने आदर्शों पर चलकर समाज सेवा की मिसाल कायम की

लोकतंत्र की सशक्त आवाज मानी जाने वाली Girija Vyas की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उनके सामाजिक योगदान, राजनीतिक जीवन और मानवीय मूल्यों को याद किया गया

ST.News Desk

प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विचार विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक मनोज सिंह ने Girija Vyas के जीवन और कार्यों को याद करते हुए कहा कि वे स्वतंत्रता सेनानियों की पुत्री थीं और उन्होंने जीवनभर उनके आदर्शों पर चलकर समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि Girija Vyas ने अमेरिका के एक विश्वविद्यालय में “धर्म” विषय पढ़ाते हुए विश्व के प्रमुख धर्मों का गहन अध्ययन किया। उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर तत्कालीन प्रधानमंत्री Indira Gandhi ने उन्हें भारत बुलाया, जिसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राजस्थान कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष से लेकर महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और तीन बार केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में Girija Vyas ने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने कांग्रेस विचार विभाग की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी संगठन को नई दिशा दी।

मनोज सिंह ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई जनहितकारी योजनाओं की शुरुआत की, जिनका लाभ आज भी विभिन्न रूपों में लोगों को मिल रहा है। उनकी दूरदर्शिता और समस्याओं के समाधान की क्षमता उन्हें एक प्रभावशाली नेता बनाती थी।

राजनीति के साथ-साथ Girija Vyas एक प्रसिद्ध कवयित्री भी थीं। उन्होंने हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी में लेखन किया, जबकि कुछ रचनाएँ अरबी भाषा में भी लिखीं। उनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो उनके साहित्यिक योगदान को दर्शाती हैं।

कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि उनका जीवन सादगी, संवेदनशीलता, नारी सशक्तिकरण और समाज सेवा के प्रति समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल है। उन्होंने अपने विचारों और नेतृत्व से समाज और संगठन पर अमिट छाप छोड़ी, जिसे हमेशा याद किया जाएगा।


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