दिल्ली-NCR से बिहार-झारखंड तक बारिश की संभावना, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा; कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का अनुमान
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार, 29 सितंबर को कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम में यह बदलाव कई सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण देखा जा रहा है। IMD के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने डिप्रेशन का असर भी बारिश की गतिविधियों पर पड़ रहा है।
दिल्ली-NCR में फिर बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम संबंधी पूर्वानुमानों में दिल्ली के लिए 29 सितंबर को बारिश के साथ तेज हवाओं की संभावना बताई गई है। दिल्ली में तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री तक रह सकता है। NCR के नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों पर नजर
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, अयोध्या और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मौसम को लेकर सावधानी की जरूरत बताई गई है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। हाल में हुई भारी बारिश के कारण राज्य के कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति भी बनी थी। ऐसे में दोबारा तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
बिहार और झारखंड में गरज-चमक के साथ बारिश
बिहार में कई जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है। रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, सीवान, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया और कटिहार जैसे इलाकों को लेकर मौसम चेतावनी की जानकारी सामने आई है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। झारखंड में भी कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवा चलने का अनुमान है। दुमका, गोड्डा, देवघर, धनबाद, हजारीबाग और जमशेदपुर समेत कई क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रह सकता है।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी असर
पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मौसम की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना बताई गई है। ओडिशा में भी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। उत्तराखंड के चमोली, देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग और हरिद्वार जैसे क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की संभावना बताई गई है।
पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मौसम बदलेगा
पंजाब के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, कोटा, बारां, अलवर और भरतपुर सहित कई क्षेत्रों में भी बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश के सतना, रीवा, सागर, भोपाल, विदिशा, दमोह, खंडवा और देवास सहित कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की घटनाओं का खतरा भी बना रह सकता है। तेज हवा के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। मौसम खराब होने की स्थिति में खुले मैदान, पेड़ के नीचे और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
किसानों के लिए भी अहम मौसम अपडेट
सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। जिन इलाकों में पहले से खेतों में पानी जमा है, वहां अतिरिक्त बारिश से फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ सकती है। वहीं, जहां बारिश की कमी रही है, वहां यह बारिश कुछ फसलों के लिए राहत भी दे सकती है। वास्तविक असर स्थानीय बारिश की मात्रा और फसल की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों में सक्रिय मौसम को देखते हुए मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवा और ऊंची लहरों के दौरान समुद्र में जाना जोखिम भरा हो सकता है।
अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं, हालांकि अलग-अलग राज्यों और जिलों में इसकी तीव्रता अलग होगी। इसलिए किसी पूरे राज्य के लिए एक जैसा मौसम मानना सही नहीं होगा। स्थानीय मौसम चेतावनी और जिला प्रशासन के अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
मौसम खराब होने पर क्या करें?
- तेज आंधी के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें।
- खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- बिजली चमकने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सावधानी से इस्तेमाल करें।
- पहाड़ी इलाकों में यात्रा से पहले सड़क और मौसम की स्थिति जांच लें।
- जलभराव वाले रास्तों में वाहन ले जाने से बचें।
- स्थानीय प्रशासन और IMD की चेतावनियों को प्राथमिकता दें।
29 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने वाला है। दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल तक बारिश और आंधी की संभावना है, जबकि पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की रफ्तार 70–80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
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