
डेंगू बुखार मच्छरों से फैलने वाली वायरल बीमारी है। दिल्ली-एनसीआरशहर में यह बड़ा खतरा बनी हुई है। एनसीआर में हाल ही में हुई मौतों ने चिंता और बढ़ा दी हैं। मध्यम वष्रा के बावजूद, स्थानीय अस्पतालों में पिछले दो से तीन सप्ताह में डेंगू के रिपोर्ट किए गए मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इस उछाल ने सभी लोगों को प्रभावित किया है। डॉ निकिता सभरवाल, यूनिट हेड, रोसवॉक हॉस्पिटल ने बताया कि शरीर में दर्द और बुखार इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं। डेंगू के मामलों के लिए ज़िम्मेदार सर्कुलेटिंग स्ट्रेन गंभीर टाइप 2 स्ट्रेन है, जिसे टेस्ट के दौरान अधिकांश नमूनों में पहचाना गया है। बच्चों को खासकर मच्छरजनित बीमारियों के होने का खतरा अधिक होता है क्यूंकि उनका इम्यून सिस्टम पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता है। डॉ सभरवाल ने मानसून की बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपाय साझा किए। उन्होंने बताया कि मच्छर निरोधकों का उपयोग करके और सुरक्षात्मक कपड़े पहनकर मच्छर जनित बीमारियों की संभावना को कम किया जा सकता है। इसके अलावा बार-बार हाथ धोने और व्यक्तिगत स्वच्छता को बढ़ावा दें। मानसून के मौसम के दौरान, फंगल संक्रमण की संवेदनशीलता को कम करने के लिए नंगे पैर चलने से बचें। पानी जमा होने वाली जगह या कंटेनर को खाली कर दें क्योंकि रु का हुआ पानी मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल के रूप में काम करता है। बारिश के कारण भरे हुए पानी में खेलने से बचें। उबला हुआ पानी पीएं। मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए कीट निरोधकों और मच्छरदानियों का उपयोग करें। देर तक काम करने से बचें और उचित नींद की आदतें बनाए रखें क्योंकि खराब नींद के पैटर्न से मानसून के दौरान फ्लू की आशंका बढ़ जाती है।

