Skip to content
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • Facebook
Sanchar Times

Sanchar Times

Hindi NEWS

  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
    • दिल्ली/NCR
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हिमाचल
  • राजनीति
    • भाजपा
    • कांग्रेस
    • चुनाव
  • खेल
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • संपादकीय
  • सोशल मीडिया
  • Toggle search form
श्रेणियांराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया
होम पर वापस जाएंलाइफस्टाइल
dipration

कोई अवसाद ग्रस्त है तो वह हर वक्त दुखी या हताश महसूस करेगा

Posted on August 10, 2023 By Chhavi Singh

माना जाता है कि अगर कोई अवसाद ग्रस्त है तो वह हर वक्त दुखी या हताश महसूस करेगा। लेकिन कई लोगों को यह नहीं मालूम कि अवसाद का केवल यही लक्षण नहीं है। अवसाद का एक और लक्षण है कि आपको उन चीजों में अब मजा नहीं आता या उनमें दिलचस्पी नहीं होती जिनमें पहले होती थी और इस लक्षण को कई बार नजरअंदाज कर दिया जाता है। इस लक्षण को ‘एनहेडोनिया’ के नाम से जाना जाता है और यह अवसाद से जूझ रहे 75 प्रतिशत वयस्कों तथा युवाओं में देखा जाता है। यह लक्षण बहुत आम है लेकिन इसके बावजूद इसका इलाज तथा इससे निपटना मुश्किल है।
किसे कहते हैं अवसादग्रस्त
एनहेडोनिया को सभी या लगभग हर उस गतिविधि में दिलचस्पी कम होने के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका कोई व्यक्ति पहले आनंद उठाता था। अगर किसी व्यक्ति को कम से कम दो हफ्ते से लगातार एनहेडोनिया है तो उसे अवसादग्रस्त कहा जा सकता है भले ही वह दुखी या हताश महसूस न कर रहा हो। अवसाद के बारे में जिन युवाओं का गहनता से साक्षात्कार लिया गया, उसमें पाया गया कि एनहेडोनिया केवल खुशी का खोना ही नहीं बल्कि मनपसंद कामों को करने के लिए प्रेरणा की कमी होना भी है। ऐसे में सलाह दी जाती है कि हल्के अवसाद का इलाज, बात करने (टॉक) थेरेपी से किया जाए। गंभीर अवसाद से जूझ रहे लोगों को अवसाद के इलाज में कारगर दवाएं लेने की सलाह दी जाती है।
ये सभी उपचार अवसाद के लक्षणों पर काबू पाने में मदद करने के उद्देश्य से किए जाते हैं लेकिन आधे से ज्यादा लोगों पर पहली बार उपचार का कोई फर्क नहीं पड़ता। बल्कि उपचार का तरीका बदलने के बाद भी तकरीबन 30 प्रतिशत मरीजों को अवसाद के लक्षण महसूस होते हैं। दलील दी गयी है कि इलाज के प्रभाव की इस कम दर का कारण एनहेडोनिया से सही तरीके से न निपटना हो सकता है।
इलाज के विकल्प
एनहेडोनिया जटिल हो सकता है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि इससे पीड़ित लोगों के लिए कोई उम्मीद नहीं है। अनुसंधान से पता चलता है कि बातचीत थेरेपी एनहेडोनिया से निपटने में मदद कर सकती है। हाल में एक प्रायोगिक अध्ययन में यह भी पाया गया कि एक नयी प्रकार की ‘टॉक थेरेपी’ अवसाद के इलाज में संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी से बेहतर काम कर सकती है क्योंकि इस थेरेपी में मरीज के नकारात्मक और सकारात्मक दोनों अनुभवों पर ध्यान केंद्रित कर खासतौर से एनहेडोनिया का इलाज किया जाता है। इसके अलावा डोपामाइन जैसी दवा भी एनहेडोनिया के मरीजों के उपचार में कारगर हो सकती है। अगर आप एनहेडोनिया से जूझ रहे हैं तो आपके लिए प्रेरणा तलाशना मुश्किल हो सकता है लेकिन मनोरंजक गतिविधियों या किसी शौक के लिए वक्त निकालने से एनहेडोनिया से निपटने में मदद मिल सकती है।
टॉक थेरेपी’ अवसाद के इलाज में संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी से बेहतर काम कर सकती
है क्योंकि इस थेरेपी में मरीज के नकारात्मक और सकारात्मक दोनों अनुभवों पर ध्यान केंद्रित कर खासतौर से एनहेडोनिया का इलाज किया जाता है।

लाइफस्टाइल

Post navigation

Previous Post: आरक्षण से ऊपर उठकर देखें, पूर्वोत्तर के युवा काफी सक्षम हैं : मेघालय के मुख्यमंत्री
Next Post: रिसर्च में खुलासा : कोविड के कारण शरीर के कई अंग हो सकते हैं खराब

Special Report

  • GENDER IDENTITY 1
    जेंडर आइडेंटिटी पर बढ़ती बहस: युवाओं, सोशल मीडिया और चिकित्सा से जुड़े सवाल
  • OnePlus 16
    OnePlus 16 भारत में नहीं आएगा? नए फ्लैगशिप को लेकर बड़ा दावा, 16R की हो सकती है एंट्री
  • tukaram mude
    Maharashtra FDA Action : तुकाराम मुंडे का ‘सिंघम’ एक्शन, McDonald’s से स्कूलों तक सख्ती; जानिए क्यों मचा हड़कंप
  • त्योहारों में रेल यात्रियों को राहत, रेलवे चलाएगा 13 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें; 282 अतिरिक्त फेरे
  • सासाराम में निजी विद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षकों का प्रशिक्षण शिविर, रोहतास एसपी मिस्टर राज ने किया उद्घाटन
  • सासाराम के शेरशाह सूरी मकबरा परिसर में स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम, मंत्री दीपक प्रकाश ने दिया स्वच्छता का संदेश
  • सासाराम में लव-कुश जयंती समारोह में दिखी राजनीतिक एकजुटता, मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने सरकार को बताया ‘मजबूत’
  • बिहार MLC चुनाव में जन सुराज ने उतारे 5 उम्मीदवार, जानिए किसे कहां से मिला टिकट

Sanchaar Times

देश-दुनिया, राजनीति, बिजनेस, खेल और मनोरंजन की ताजा खबरें हिंदी में पढ़ें।

Quick Links

होम
हमारे बारे में
संपर्क करें
Privacy Policy
Disclaimer

प्रमुख श्रेणियां

राष्ट्रीय
राज्य
राजनीति
बिजनेस
खेल
मनोरंजन

हमसे संपर्क करें

Editor/Chief Editor: Pankaj Kumar
Office Address: 190, Pratap Nagar, Mayur Vihar Phase-1, Delhi – 110091
Email: sanchartimes.news@gmail.com
Media: Email-media@sanchartimes.news

Follow us on Social Media

  • Facebook
  • YouTube
  • Instagram
  • X
  • WhatsApp

© Sanchar Times. All Rights Reserved.

Powered by PressBook WordPress theme

होमराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया