Skip to content
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • Facebook
Sanchar Times

Sanchar Times

Hindi NEWS

  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राज्य
    • दिल्ली/NCR
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
    • हिमाचल
  • राजनीति
    • भाजपा
    • कांग्रेस
    • चुनाव
  • खेल
  • पर्यटन
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • संपादकीय
  • सोशल मीडिया
  • Toggle search form
श्रेणियांराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया
होम पर वापस जाएंअंतर्राष्ट्रीय
yoga

International Yoga Day पर पूरी दुनिया ने किया योग

Posted on June 21, 2024June 21, 2024 By Chhavi Singh


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनिया में आज बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। दुनिया के छोटे-बड़े देशों के शहरों, गांवों और कस्बों से लेकर पहाड़ी इलाकों और समुद्र में तैरते जहाजों से योग करते लोगों की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं वह दर्शा रही हैं कि भारत की योग विद्या की पूरी दुनिया कायल है और हर कोई इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर अपना जीवन स्वस्थ बना रहा है। जो लोग योग को एक खास धर्म से जोड़ कर देखते हैं या उसे एक देश की सीमा में बांध कर देखते हैं वह यदि आज की तस्वीरों को देखेंगे तो पाएंगे कि भारत की प्राचीन योग पद्यति को अपने जीवन का महत्वपूर्ण अंग बनाने की होड़ में धर्म, जाति, सीमा और स्त्री-पुरुष का भेद मिट चुका है। योग का अर्थ है जोड़ना और जिस तरह योग ने समूची दुनिया को जोड़ कर रख दिया है उससे यह भी साबित होता है कि भारत में ही पूरी दुनिया को एक सूत्र में बांधने की शक्ति है।

वैसे तो योग दिवस पर आज दुनियाभर में कई कार्यक्रम आयोजित किये गये परन्तु मुख्य कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित किया गया। इसको संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दुनिया आज योग को वैश्विक भलाई के एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में देखती है क्योंकि यह लोगों को अतीत का बोझ उठाए बिना वर्तमान में जीने में मदद करता है। प्रधानमंत्री ने 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि योग ने लोगों को यह महसूस कराने में मदद की है कि उनका कल्याण उनके आसपास की दुनिया के कल्याण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया योग को वैश्विक भलाई के एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में देख रही है। योग हमें अतीत के बोझ के बिना वर्तमान क्षण में जीने में मदद करता है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जब हमारा चित्त शांत रहता है तब हम दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं… योग समाज में सकारात्मक बदलाव के नए तरीके बना रहा है।’’


हम आपको बता दें कि यह कार्यक्रम डल झील के किनारे एसकेआईसीसी के खुले मैदान में होना था लेकिन लगातार बारिश के कारण इसे बड़े हॉल में आयोजित किया गया। अपने संबोधन के बाद प्रधानमंत्री ने सामूहिक योगाभ्यास में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि आज पूरी दुनिया में योग करने वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और योग के प्रति लोगों का आकर्षण भी लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जहां भी जाता हूं, शायद ही कोई नेता (अंतरराष्ट्रीय) होता है जो योग के फायदों के बारे में मुझसे बात नहीं करता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुझे योग और साधना की भूमि कश्मीर में आने का सौभाग्य मिला है। योग से हमें जो शक्ति मिलती है, श्रीनगर में हम उसे महसूस कर रहे हैं। मैं देश के सभी लोगों को और दुनिया के कोने-कोने में योग कर रहे लोगों को कश्मीर की धरती से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई देता हूं।’’

मोदी ने तुर्कमेनिस्तान, सऊदी अरब, मंगोलिया और जर्मनी का उदाहरण देते हुए कहा कि योग की प्राचीन विधाएं वहां तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं और लोग योग को अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में फ्रांस की 101 वर्षीय महिला शारलोट चोपिन का भी जिक्र किया जिन्हें अपने देश में योग को लोकप्रिय बनाने में उनकी सेवाओं के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। मोदी ने कहा कि योग के वैश्विक स्तर पर प्रसार से इसके बारे में धारणा में बदलाव आया है क्योंकि इसके बारे में प्रामाणिक जानकारी हासिल करने के लिए बड़ी संख्या में लोग भारत की यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम अब उत्तराखंड और केरल जैसे राज्यों में योग पर्यटन देख रहे हैं। लोग भारत आ रहे हैं क्योंकि उन्हें प्रामाणिक योग देखने को मिलता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लोग अब फिटनेस के लिए निजी तौर पर योग प्रशिक्षक रख रहे हैं और कंपनियां अपने कर्मचारियों को स्वस्थ रखने के लिए योग के कार्यक्रम भी आयोजित कर रही हैं। इसने आजीविका के नए रास्ते खोले हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि योग आज लोगों के सामने आने वाली कई समस्याओं का समाधान भी करता है। उन्होंने कहा, ‘‘योग केवल ज्ञान नहीं है बल्कि विज्ञान भी है। सूचना क्रांति के इस युग में, सूचना स्रोतों की बाढ़ आ गई है और लोगों के लिए एक विषय पर ध्यान केंद्रित करना भी चुनौती बन गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसका भी समाधान योग में है क्योंकि यह ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। इसलिए सेना से लेकर खेलों तक, योग लोगों की दिनचर्या में शामिल हो गया है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों और अंतरिक्ष परियोजनाओं पर काम करने वाले लोगों को भी योग का प्रशिक्षण दिया जाता है क्योंकि यह काम करने की क्षमता के साथ-साथ सहिष्णुता भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा, ‘‘कई जेलों में तो कैदियों को भी योग सिखाया जाता है ताकि उनकी सोच सकारात्मक हो।’’ मोदी ने संतोष जताया कि जम्मू एवं कश्मीर के लोग भी योग को अपना रहे हैं जिससे केंद्र शासित प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘पूरे जम्मू एवं कश्मीर में योग के प्रति जो आकर्षण बना है, जिस उमंग और उत्साह के साथ लोग योग के साथ जुड़ने के लिए आतुर हैं, वह जम्मू कश्मीर के पर्यटन को भी एक नई ताकत देने का अवसर बन गया है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2014 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था और भारत के इस प्रस्ताव का 177 देशों ने समर्थन किया था जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड था। उन्होंने कहा, ‘‘तब से योग दिवस लगातार नए रिकॉर्ड बनाता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 10 वर्ष की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर चुका है। आज पूरी दुनिया में योग करने वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और योग के प्रति लोगों का आकर्षण भी लगातार बढ़ रहा है।’’

हम आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर मनाए जाने की घोषणा दिसंबर 2014 में की थी। संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस का प्रस्ताव प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर आया था और इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया था। प्रधानमंत्री साल 2015 से हर साल योग दिवस पर आयोजित समारोहों का नेतृत्व करते रहे हैं। उन्होंने दिल्ली, चंडीगढ़, देहरादून, रांची, लखनऊ, मैसूर और यहां तक कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय सहित विभिन्न प्रतिष्ठित स्थानों पर योग दिवस समारोहों का नेतृत्व किया है। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य विषय ‘स्वयं और समाज के लिए योग’ है।

अंतर्राष्ट्रीय

Post navigation

Previous Post: Delhi Water Crisis को लेकर आतिशी का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू, सुनीता केजरीवाल भी रहीं मौजूद
Next Post: सुनीता केजरीवाल ने कहा, उनके पति के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है जैसे वह कोई आतंकवादी हों

Special Report

  • tukaram mude
    Maharashtra FDA Action : तुकाराम मुंडे का ‘सिंघम’ एक्शन, McDonald’s से स्कूलों तक सख्ती; जानिए क्यों मचा हड़कंप
  • झारखंड छात्र आंदोलन
    झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन 21वें दिन भी जारी, 15 अगस्त को ‘तिरंगा यात्रा’ निकालेंगे JPSC-JSSC अभ्यर्थी
  • Yogi Adityanath on Partition 1947
    1947 में मोदी जैसे प्रधानमंत्री होते तो कोई भारत का नुकसान नहीं कर पाता, बंटवारे पर योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान
  • NEET-UG पेपर लीक विरोध प्रदर्शन की हिंसा की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बनाई पांच सदस्यीय समिति
  • राहुल गांधी पर फडणवीस का हमला, छात्राओं से संवाद को बताया ‘पाखंडपूर्ण रवैया’
  • Heartburn और Digestion: क्या सोने की गलत पोजीशन बढ़ा सकती है सीने में जलन? जानें सही तरीका
  • Maharashtra FDA Action : तुकाराम मुंडे का ‘सिंघम’ एक्शन, McDonald’s से स्कूलों तक सख्ती; जानिए क्यों मचा हड़कंप
  • Chirag Paswan on Reservation: आरक्षण संवैधानिक अधिकार, जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों से बातचीत को तैयार सरकार

Sanchaar Times

देश-दुनिया, राजनीति, बिजनेस, खेल और मनोरंजन की ताजा खबरें हिंदी में पढ़ें।

Quick Links

होम
हमारे बारे में
संपर्क करें
Privacy Policy
Disclaimer

प्रमुख श्रेणियां

राष्ट्रीय
राज्य
राजनीति
बिजनेस
खेल
मनोरंजन

हमसे संपर्क करें

Editor/Chief Editor: Pankaj Kumar
Office Address: 190, Pratap Nagar, Mayur Vihar Phase-1, Delhi – 110091
Email: sanchartimes.news@gmail.com
Media: Email-media@sanchartimes.news

Follow us on Social Media

  • YouTube
  • X

© Sanchar Times. All Rights Reserved.

Powered by PressBook WordPress theme

होमराष्ट्रीयअंतर्राष्ट्रीयराज्यराजनीतिखेलमनोरंजनसंपादकीयलाइफस्टाइलसोशल मीडिया