- NEET-UG पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय समिति बनाई है।
- पूर्व CBI निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और पूर्व मेघालय DGP डॉ. एल. आर. बिश्नोई समिति में शामिल हैं।
- पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी समिति के अध्यक्ष होंगे।
- पैनल हिंसा, पुलिस कार्रवाई और संबंधित आरोपों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को देगा।
नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ हुए विभिन्न विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और पुलिस कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में दो पूर्व IPS अधिकारियों को भी शामिल किया गया है।
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समिति में पूर्व CBI निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला (सेवानिवृत्त IPS: 1983: MP) और मेघालय के पूर्व DGP डॉ. एल. आर. बिश्नोई (सेवानिवृत्त IPS: 1991: AM) शामिल हैं।
पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज होंगे समिति के अध्यक्ष
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित इस पांच सदस्यीय समिति की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी करेंगे। समिति के अन्य सदस्यों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रवि शंकर झा और दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस शालिंदर कौर शामिल हैं।
हिंसा और पुलिस कार्रवाई की होगी जांच
समिति को NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ छात्र आंदोलन के दौरान सामने आई हिंसा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं, पुलिस की कार्रवाई और इन घटनाओं से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाएगी। समिति घटनाक्रम और उससे जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा करने के बाद अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी।

