
रोहतास ब्यूरो संचार टाइम्स

रोहतास जिले में दलितों पर पुलिसिया दमन, भू-माफियाओं और सामंती तत्वों की दबंगई के खिलाफ भाकपा (माले) और अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के संयुक्त आह्वान पर शुक्रवार को ज़िला समाहर्ता कार्यालय के समक्ष सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “भ्रष्ट पुलिस अधिकारी मुर्दाबाद” और “भूमि माफिया होश में आओ” जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शन का कारण : मार्च का मुख्य उद्देश्य बेलवईया गांव (दिनारा अंचल) में दलित पर्चाधारियों पर हुए हमले, अवैध ज़मीन कब्जे और पुलिस-प्रशासन की भूमिका के खिलाफ विरोध जताना था। आंदोलनकारियों का आरोप है कि भूदान और सीलिंग के तहत वर्षों पहले आवंटित भूमि पर भू-माफिया और सामंती दबंग जबरन कब्जा कर रहे हैं। वहीं, दलित पर्चाधारी बार-बार ज़िला प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद न्याय नहीं पा रहे हैं।
घटनाक्रम का विवरण : कार्यकर्ताओं ने बताया कि 31 जुलाई को जब दलित पर्चाधारी खेती कर रहे थे, तभी हथियारबंद अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में मनीष पासवान गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले के बाद पुलिस और दबंगों की मिलीभगत से दलितों के घरों में घुसकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मारा-पीटा गया, संपत्ति की तोड़फोड़ की गई, और 50 से अधिक लोगों को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
प्रशासन पर आरोप : प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी माफियाओं के इशारे पर काम कर रहे हैं। पुलिस ने दलितों पर झूठे केस दर्ज किए, लेकिन हमला करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिला प्रशासन से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। नेताओं का कहना है कि “बिहार में गुंडों, माफियाओं और सामंतों का राज चल रहा है, और सरकार पूरी तरह इन दबंगों के दबाव में काम कर रही है।”
अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के प्रांतीय सचिव अशोक बैठा ने कहा, “नीतीश सरकार में गरीबों की जमीन पर जबरन कब्जा हो रहा है, और पुलिस पीड़ितों पर ही गोलियां चला रही है। जिनके पास सरकार द्वारा दिया गया वैध पर्चा है, उन्हें ही पुलिस जेल भेज रही है। यह न्याय की नहीं, अन्याय की सरकार बन चुकी है।”
ज्ञापन सौंपा गया : आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा और निष्पक्ष जांच व दलित पर्चाधारियों को न्याय दिलाने की मांग की।
आक्रोश मार्च में जिला कमेटी सदस्य सुरेंद्र पासवान, जिला अध्यक्ष अनिल गुप्ता, राजू गुप्ता, विकास राम, राहुल दुसाध, डॉ. राधेश्याम चंद्रवंशी, राम सकल पासवान, सोनू दबंग, नागेश्वर कन्हैया राम, शिव कुमार राम समेत सैकड़ों पुरुष और महिला कार्यकर्ता शामिल थे।
