crossorigin="anonymous"> मुज्तबा खामेनेई को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले– “शायद जिंदा हैं, लेकिन घायल” - Sanchar Times

मुज्तबा खामेनेई को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले– “शायद जिंदा हैं, लेकिन घायल”

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मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि मुज्तबा खामेनेई संभवतः जिंदा हैं, हालांकि वे गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं।

ST.News Desk

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। इस बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को लेकर कई तरह की खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि मुज्तबा खामेनेई अभी भी जीवित हो सकते हैं, हालांकि उन्हें चोट लगी होने की संभावना है।

वॉशिंगटन में फॉक्स न्यूज रेडियो के ‘ब्रायन किल्मीड शो’ से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि शायद वह (मुज्तबा खामेनेई) जिंदा हैं। मुझे लगता है कि उन्हें चोट लगी है, लेकिन संभव है कि वह किसी न किसी रूप में जीवित हों।” यह इंटरव्यू गुरुवार को रिकॉर्ड किया गया था और शुक्रवार सुबह प्रसारित किया गया।

ट्रंप का यह बयान उस रिपोर्ट के बाद सामने आया है जिसमें कहा गया था कि 28 फरवरी को तेहरान में हुए संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमले के दौरान मुज्तबा खामेनेई घायल हो गए थे। इसी हमले में उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुज्तबा खामेनेई के कोमा में होने की भी आशंका जताई जा रही है।

इसी बीच युद्ध के हालात और गंभीर हो गए हैं। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र के कई देशों पर हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब पर भी हमले किए गए हैं, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है।

हालांकि युद्ध शुरू होने के बाद से मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उन्होंने ईरान के लोगों के नाम एक संदेश जरूर जारी किया, जिसमें कहा कि ईरान अपने शहीदों के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने और खाड़ी के अरब देशों पर लगातार दबाव बनाने पर विचार करना चाहिए।

दिलचस्प बात यह है कि उनका यह संदेश न तो टीवी पर उनके सीधे संबोधन के रूप में आया और न ही किसी वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए जारी किया गया। ऐसे में उनकी स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलें और भी तेज हो गई हैं।


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