सासाराम
हैदर अली, रोहतास ब्यूरो चीफ, संचार टाइम्स
रोहतास के जिला अतिथि गृह में आयोजित प्रेस मीट में बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने राष्ट्रीय एकता, राज्य के नेतृत्व और नई तकनीकों के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने देश के वर्तमान हालात, बिहार की राजनीति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की।
प्रेस मीट के दौरान अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी पर देश को पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा रही है कि विकट परिस्थितियों में देश एकजुट हो जाता है और नेतृत्व को सर्वोपरि रखा जाता है।
उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए बताया कि जब वे उनके नेता थे और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब भी बांग्लादेश मुक्ति युद्ध 1971 के दौरान देश ने एकजुटता दिखाई थी। उन्होंने कहा कि आज भी वही परंपरा कायम है और देश एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है।
संकट की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल इसका कोई बड़ा प्रभाव नहीं दिख रहा है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। आवश्यकता पड़ने पर कुछ खर्चों में कटौती करने की भी जरूरत हो सकती है। बिहार की राजनीति पर बोलते हुए उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य को एक मजबूत नींव मिली है, जिस पर आज का विकास टिका हुआ है और भविष्य भी इसी आधार पर बेहतर होगा।
नेतृत्व परिवर्तन के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के संभावित जाने की चर्चा से लोगों में भावनात्मक जुड़ाव और दुख स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि नए मुख्यमंत्री का चयन शीर्ष नेतृत्व का विषय है।
अपने दायित्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सभापति के रूप में सदन की कुर्सी पर रहते हुए उनके लिए पक्ष और विपक्ष दोनों समान हैं और सभी को बराबर अवसर दिया जाता है। विधान परिषद को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के सवाल पर उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों के उपयोग को लेकर तकनीकी विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है और इस विषय पर जल्द ही विस्तृत चर्चा की जाएगी।

