बिहार के Sasaram से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां टमाटर की बंपर खेती के लिए मशहूर इलाके में इस बार किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। निजी कंपनी के बीज ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया
सासाराम
हैदर अली, रोहतास ब्यूरो चीफ
Sasaram के नीमा गांव और आसपास के कई क्षेत्रों में किसानों ने इस बार टमाटर की खेती में एक निजी कंपनी Tokita Seeds India Private Limited के बीज का इस्तेमाल किया। लेकिन फसल तैयार होने के बाद किसानों को बड़ा झटका लगा।
किसानों के मुताबिक, टमाटर का आकार सामान्य रूप से 100 से 150 ग्राम होना चाहिए था, लेकिन इस बार उत्पादन में टमाटर का साइज महज 10 से 20 ग्राम ही रह गया। सितंबर महीने में बोए गए बीज से करीब 7 महीने बाद अप्रैल में फसल तैयार हुई, लेकिन टमाटर का आकार नहीं बढ़ने से बाजार में इसकी कोई कीमत नहीं मिल रही है।
स्थिति इतनी खराब हो गई है कि कई किसानों ने अपनी फसल को खेतों में ही सड़ने के लिए छोड़ दिया है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है।
नीमा गांव के किसान Dilip Kumar ने बताया कि उन्होंने करीब 6 एकड़ जमीन में टमाटर की खेती की थी और लाखों रुपये की पैदावार की उम्मीद थी। लेकिन खराब गुणवत्ता के कारण अब लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
भीषण गर्मी के बीच किसान अपनी बर्बाद फसल को देखकर निराश हैं। इस घटना ने क्षेत्र के किसानों के सामने बड़ी आर्थिक चुनौती खड़ी कर दी है और बीज की गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।

