केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में हुई डाक विभाग की वार्षिक समीक्षा बैठक
Narendra Modi के नेतृत्व में India Post ने वित्त वर्ष 2025–26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹15,296 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 16% की उल्लेखनीय वृद्धि है, जो विभाग के तेज़ी से बदलते स्वरूप को दर्शाता है
अश्विनी तोमर
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री Jyotiraditya Scindia की अध्यक्षता में सोमवार को डाक विभाग की वार्षिक व्यवसाय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में देशभर के 23 सर्किलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जहां विभाग के प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में विभाग के छह प्रमुख वर्टिकल्स—पार्सल, मेल, अंतरराष्ट्रीय मेल, पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक (POSB), पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (PLI/RPLI) और सिटिजन सेंट्रिक सर्विसेज (CCS)—की समीक्षा की गई। बताया गया कि FY 2024–25 के ₹13,218 करोड़ की तुलना में FY 2025–26 में ₹15,296 करोड़ का राजस्व दर्ज किया गया, जो 16% की मजबूत वृद्धि है। कई वर्षों में पहली बार विभाग ने 15% से अधिक की ग्रोथ हासिल की है।

पार्सल और CCS बने ग्रोथ इंजन
पार्सल बिजनेस में 69% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहां राजस्व ₹669 करोड़ से बढ़कर ₹1,133 करोड़ हो गया। मेल सेवाओं में भी 34% की वृद्धि के साथ ₹2,396 करोड़ से ₹3,202 करोड़ का आंकड़ा छू लिया गया। वहीं, सिटिजन सेंट्रिक सर्विसेज (CCS) में 70% की वृद्धि के साथ ₹508 करोड़ से ₹864 करोड़ का राजस्व हासिल हुआ।
इसके अलावा POSB में 13% की स्थिर वृद्धि के साथ ₹6,888 करोड़ से ₹7,756 करोड़ और PLI/RPLI में 25% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,171 करोड़ से ₹1,458 करोड़ का राजस्व दर्ज किया गया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय मेल और ग्लोबल बिजनेस सेगमेंट पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर देखा गया।
मंत्री ने हाल ही में शुरू की गई प्रीमियम सेवाओं—24 स्पीड पोस्ट, 24 स्पीड पोस्ट पार्सल और 48 स्पीड पोस्ट—को विभाग की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने में अहम बताया।
सर्किल प्रदर्शन में राजस्थान नंबर-1
सर्किल-वार प्रदर्शन में Rajasthan ने 102% लक्ष्य हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि Assam 95% के साथ दूसरे और Bihar तथा Chhattisgarh 94% के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। 23 में से 8 सर्किलों ने 90% से अधिक लक्ष्य हासिल किया।
भविष्य की रणनीति: लॉजिस्टिक्स और डिजिटल पर जोर
Jyotiraditya Scindia ने कहा कि सिटिजन सेंट्रिक सर्विसेज, PLI/RPLI और POSB वित्तीय समावेशन को मजबूत कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में विभाग की ग्रोथ का मुख्य आधार उसकी लॉजिस्टिक्स क्षमता होगी।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ साझेदारी और G2C तथा G2G सेवाओं के विस्तार पर विशेष फोकस किया जा रहा है। डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली और तकनीकी सुधारों के जरिए India Post को एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और भरोसेमंद नेटवर्क बनाया जा रहा है।
“डाक सेवा, जन सेवा” के साथ आगे बढ़ता इंडिया पोस्ट
मंत्री ने कहा कि India Post अब सिर्फ एक पारंपरिक डाक सेवा नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स और नागरिक सेवा नेटवर्क के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए “डाक सेवा, जन सेवा” के मंत्र के साथ भविष्य की दिशा तय करने का आह्वान किया।

