पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ चुके हैं। शुरुआती आंकड़े सत्ता की दौड़ को बेहद दिलचस्प बना रहे हैं, जहां कहीं TMC की बढ़त दिखाई दे रही है तो कहीं BJP के पक्ष में माहौल बनता नजर आ रहा है। अब सबकी नजर 4 मई को आने वाले आधिकारिक नतीजों पर टिकी है
ST.News Desk
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच एग्जिट पोल ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। अलग-अलग एजेंसियों के अनुमान राज्य में कड़ी टक्कर का संकेत दे रहे हैं। जेवीसी के एग्जिट पोल के मुताबिक TMC को 131 से 152 सीटें और BJP को 138 से 159 सीटें मिलने का अनुमान है, जिससे मुकाबला बेहद करीबी नजर आ रहा है।
इस बीच राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी जीत के दावे तेज कर दिए हैं। TMC उम्मीदवार कुणाल घोष ने एग्जिट पोल को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी 235 से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। वहीं BJP नेता अर्जुन सिंह और केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने दावा किया है कि इस बार राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी और पार्टी 170 से अधिक सीटें हासिल करेगी।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का मानना है कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर है, लेकिन विपक्षी वोट बंटने से BJP को ज्यादा फायदा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि TMC के खिलाफ मतदान तो हुआ है, लेकिन यह वोट अलग-अलग दलों में बंट गया है।
मतदान प्रतिशत को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज है। TMC सांसद डोला सेन ने दावा किया कि इस बार 10-15% अधिक मतदान हुआ है, जो उनकी पार्टी के पक्ष में जाएगा। वहीं BJP नेता सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर 90% से ज्यादा मतदान होने को बड़ा संकेत बताया और चुनाव में धांधली के आरोप भी लगाए।
चुनाव के दौरान हुई हिंसा पर विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने कहा कि हर पोलिंग स्टेशन का आकलन किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर रिटर्निंग ऑफिसर के आधार पर री-पोलिंग का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल एग्जिट पोल ने तस्वीर को और पेचीदा बना दिया है। अब देखना होगा कि 4 मई को मतगणना के बाद जनता का असली जनादेश किसके पक्ष में जाता है—क्या TMC सत्ता बरकरार रखेगी या BJP पहली बार बंगाल में सरकार बनाने में सफल होगी।

