ST.News Desk
बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने शेखपुरा में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi और नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं को जनता की बजाय अपने घर की ज्यादा चिंता है
शेखपुरा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को शेखपुरा में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को लेकर चल रहे विवाद पर बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके परिवार पर तंज कसा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को केवल अपने सरकारी आवास की चिंता है, जबकि जनप्रतिनिधियों का मुख्य दायित्व जनता की सेवा करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2016 से लेकर 2026 तक कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे, कई बार मंत्री बने, उपमुख्यमंत्री रहे और गृह मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली, लेकिन कभी सरकारी आवास में रहने को प्राथमिकता नहीं दी।
सम्राट चौधरी ने कहा, “मैं वर्षों तक अपने निजी घर में रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार ने मुझे बिहार की सेवा का अवसर दिया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार मैं मुख्यमंत्री आवास में रह रहा हूं।”
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar की राजनीतिक शुचिता की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद तुरंत सरकारी आवास खाली कर दिया और दूसरे आवास में चले गए। यह सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और जवाबदेही का उदाहरण है।
उन्होंने कहा, “जब मैं मुख्यमंत्री आवास में गया तो मैंने कहा कि यह किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि लोकसेवक का आवास है। यहां किसी की बपौती नहीं हो सकती। लोकतंत्र में सरकारी संपत्ति जनता की होती है, किसी परिवार की नहीं।”
अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोगों को अलग-अलग सरकारी आवास चाहिए। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, “बेटे को अलग घर चाहिए, माता जी को अलग घर चाहिए, लेकिन जनता के मुद्दों की चिंता नहीं है। हम राजनीति जनता की सेवा के लिए करते हैं, न कि सरकारी मकानों के लिए।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राजनीति में पद स्थायी नहीं होते। जिस दिन पार्टी और नेतृत्व उन्हें जिम्मेदारी से मुक्त कर देगा, वह 24 घंटे के भीतर अपना सामान समेटकर अपने निजी घर लौट जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को पद और आवास के मोह से ऊपर उठकर जनता की सेवा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
गौरतलब है कि बिहार की राजनीति में इन दिनों 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। इसी मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

