ST.News Desk
नई दिल्ली, 15 जून। दिल्ली पुलिस के सहयोग से कृष्णा पार्क, मौजपुर गमरी में छात्रों और स्थानीय निवासियों के लिए आत्मरक्षा एवं कानूनी साक्षरता प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को आत्मरक्षा के अधिकारों और बुनियादी कानूनी जानकारी के प्रति जागरूक करना था।
सत्र के दौरान CAW सेल की लेडी हेड कॉन्स्टेबल नीतू ने प्रतिभागियों को आत्मरक्षा के विभिन्न व्यावहारिक तरीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति में स्वयं की सुरक्षा के लिए सही तकनीकों की जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है।
इसके बाद आयोजित ब्रीफिंग सत्र में पूर्व एसीपी वीरेंद्र पुंज ने स्कूल स्तर से ही कानूनी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कानून की बुनियादी समझ न केवल अपराधों की रोकथाम में सहायक है, बल्कि युवाओं के लिए बेहतर करियर अवसरों का मार्ग भी प्रशस्त करती है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित समाज के निर्माण में कानूनी जागरूकता की भूमिका को रेखांकित किया।
प्रतिभागियों को बताया गया कि आत्मरक्षा का अधिकार केवल तब प्रयोग किया जा सकता है जब स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति के जीवन अथवा संपत्ति पर तत्काल खतरा हो और उससे बचने का कोई अन्य कानूनी विकल्प उपलब्ध न हो। कानून व्यक्ति को आवश्यक और परिस्थितियों के अनुरूप बल प्रयोग की अनुमति देता है ताकि वह स्वयं या दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।

कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित विभिन्न कानूनों की जानकारी भी दी गई। इनमें जुवेनाइल जस्टिस कानून, POCSO अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़े प्रावधान, साइबर कानून तथा वैवाहिक एवं घरेलू हिंसा संबंधी कानून शामिल रहे।
इसके अलावा मकान-मालिक और किराएदार विवाद, संपत्ति कानून, अनुबंध कानून, चेक बाउंस मामलों और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम जैसे नागरिक कानूनों की भी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रमुख प्रावधानों से भी अवगत कराया गया, जिनमें शिकायत और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, कानूनी सहायता प्राप्त करने के तरीके तथा न्यायिक प्रक्रिया की मूलभूत जानकारी शामिल थी।

वक्ताओं ने कहा कि कानून की बुनियादी शिक्षा चार्टर्ड अकाउंटेंसी, कंपनी सेक्रेटरी, एमबीए, न्यायिक सेवाओं, पुलिस, बैंकिंग, इंश्योरेंस और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं एवं पेशेवर क्षेत्रों में सफल करियर के लिए मजबूत आधार तैयार करती है। छात्रों को अपने विद्यालयों में “लीगल स्टडीज़” विषय चुनने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर ‘गो एकेडमी’ के छात्रों ने आत्मरक्षा, कानूनी जागरूकता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।

