ST.News Desk
नई दिल्ली : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) विचार विभाग के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर मनोज सिंह ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह देशभर के छात्रों, युवाओं और जनता के लोकतांत्रिक संघर्ष तथा लगातार बढ़ते जनदबाव की जीत है।

मनोज सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे थे और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार उठ रही थी। छात्रों और युवाओं के बढ़ते आक्रोश तथा देशव्यापी जनदबाव के सामने आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान समय रहते नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए स्वयं इस्तीफा दे देते, तो यह उनके पद की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप होता। लेकिन सरकार ने लंबे समय तक उन्हें पद पर बनाए रखा, जिसके कारण छात्रों और युवाओं का आक्रोश और अधिक बढ़ता गया। अंततः बढ़ते राजनीतिक और जनदबाव के बीच उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

मनोज सिंह ने कहा कि यह सिर्फ एक मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक जवाबदेही और देश के करोड़ों छात्रों एवं युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और देश की जनता से जवाबदेही के साथ संवाद करना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि छात्रों के आंदोलन के दौरान बिहार, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों में छात्रों और युवाओं पर दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले छात्रों को अपराधी की तरह देखना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
मनोज सिंह ने कहा कि जनता की आवाज लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। जब छात्र और युवा शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते हैं, तो उनकी आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि संगठित, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक जनसंघर्ष के सामने अंततः सत्ता को जवाब देना ही पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों, उनके सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हमेशा मजबूती से उनके साथ खड़ी रहेगी।

