- CM Yogi ने देवरिया में 305 करोड़ रुपये से अधिक की 80 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
- मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर भ्रष्टाचार और कथित लूट के आरोप लगाए।
- योगी ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विकास की तस्वीर बदली है।
- एन्सेफलाइटिस के मुद्दे पर उन्होंने पिछली सपा-कांग्रेस सरकारों को निशाने पर लिया।
देवरिया: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (CM Yogi) योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समाजवादी पार्टी (SP) और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। देवरिया में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान राज्य के खजाने का कथित रूप से दुरुपयोग और लूट हुई। उन्होंने कहा कि इसके लिए सपा प्रमुख को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवरिया में 305 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 80 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था, रोजगार और सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा।
‘SP का मतलब लूट और वसूली’, योगी का हमला
समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “SP का मतलब लूट और वसूली” है। उन्होंने लखनऊ में जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए।
योगी ने कहा कि सपा प्रमुख ने अपने कथित ऐशो-आराम के लिए राज्य के खजाने की जो लूट की, उसके लिए उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए। हालांकि, ये मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
‘अब यूपी की छवि बदल चुकी है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश की पहचान खराब कानून-व्यवस्था और असुरक्षा से जुड़ी हुई थी, लेकिन अब राज्य उस छवि से बाहर निकल चुका है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में माफिया का प्रभाव खत्म हुआ है और कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार आया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते हैं, उनके लिए जेल ही जगह है। उन्होंने जनता से अच्छे जनप्रतिनिधियों को चुनने की अपील करते हुए कहा कि अच्छे प्रतिनिधियों से अच्छी सरकार बनती है और विकास, खुशहाली तथा रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।
2017 से पहले के यूपी को लेकर भी साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में विकास, सुरक्षा और सम्मान की कमी थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय गरीबों के लिए घर, शौचालय, एलपीजी कनेक्शन, बिजली और सड़क जैसी सुविधाओं का पर्याप्त विस्तार नहीं हुआ था।
उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उस दौर में स्कूल नकल के अड्डे बन गए थे।
एन्सेफलाइटिस को लेकर SP-कांग्रेस पर आरोप
मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक गंभीर समस्या रहे एन्सेफलाइटिस (दिमागी बुखार) का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर तक देवरिया, महाराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, संत कबीर नगर और बस्ती सहित कई जिलों के लोगों के लिए यह समय डर का हुआ करता था।
योगी ने दावा किया कि करीब 40 वर्षों में एन्सेफलाइटिस के कारण हजारों मासूम बच्चों की मौत हुई, लेकिन तत्कालीन सपा और कांग्रेस सरकारों ने इस समस्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री प्रभावित इलाकों का जायजा लेने नहीं पहुंचे।
‘अब यूपी को बीमारू राज्य नहीं कहा जाता’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में माफिया समानांतर सरकार चलाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश विकास और रोजगार के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और अब उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ नहीं कहा जाता।
‘बीमारू’ शब्द का इस्तेमाल अर्थशास्त्री और जनसांख्यिकी विशेषज्ञ आशीष बोस ने 1980 के दशक में बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे अपेक्षाकृत पिछड़े राज्यों के संदर्भ में किया था।

