पाकिस्तान PM ने 2025 के भारत-पाक संघर्ष और कश्मीर का मुद्दा उठाया, भारत ने आतंकवाद और द्विपक्षीय समाधान पर अपना रुख दोहराया
नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया और 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का जिक्र किया। अपने भाषण में शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित हस्तक्षेप को भी रेखांकित किया और कहा कि दक्षिण एशिया में दोबारा तनाव की स्थिति से बचने के लिए कश्मीर विवाद का समाधान जरूरी है।
UNGA में शहबाज शरीफ ने क्या कहा?
शहबाज शरीफ ने 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। उन्होंने 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष का उल्लेख करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके अनुसार “समय पर हस्तक्षेप” के लिए धन्यवाद दिया। शरीफ ने दावा किया कि इससे दक्षिण एशिया में बड़े संघर्ष को टालने में मदद मिली।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा भी उठाया और इसे दक्षिण एशिया में स्थायी शांति से जोड़ते हुए “न्यायपूर्ण और निष्पक्ष समाधान” की जरूरत बताई।
कश्मीर पर भारत का रुख क्या है?
कश्मीर मुद्दे पर भारत का आधिकारिक रुख पाकिस्तान से अलग रहा है। भारत जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा मानता है और भारत-पाकिस्तान के बीच लंबित मुद्दों को द्विपक्षीय बातचीत के माध्यम से सुलझाने की बात कहता रहा है।
2025 में भी शहबाज शरीफ के UNGA भाषण के बाद भारत की ओर से First Secretary पेटल गहलोत ने Right of Reply का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के दावों का जवाब दिया था। उन्होंने आतंकवाद, पाकिस्तान में आतंकी संगठनों को लेकर भारत की आपत्तियों और कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख को चुनौती दी थी।
पेटल गहलोत का चर्चित जवाब कब आया था?
पेटल गहलोत का जिस कड़े जवाब की चर्चा इस समय फिर हो रही है, वह सितंबर 2025 की UNGA से जुड़ा है। उस समय शहबाज शरीफ के भाषण के बाद गहलोत ने भारत की ओर से Right of Reply दिया था।
उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाया और ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में पाए जाने का संदर्भ भी दिया। भारत ने उस समय पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े रिकॉर्ड और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तानी दावों पर भी सवाल उठाए थे।
ऑपरेशन सिंदूर का भी हुआ था जिक्र
2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव की पृष्ठभूमि में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने की बात कही थी।
वहीं पाकिस्तान ने उस संघर्ष को अपने पक्ष में बताते हुए अलग दावा किया था। संयुक्त राष्ट्र में दोनों देशों की ओर से घटनाक्रम की अलग-अलग व्याख्या सामने आई थी।
भारत-पाकिस्तान विवाद में तीसरे पक्ष का मुद्दा
शहबाज शरीफ ने 2026 के UNGA भाषण में 2025 के संघर्ष के दौरान ट्रंप की भूमिका को प्रमुखता दी। भारत हालांकि भारत-पाकिस्तान के मुद्दों में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को स्वीकार नहीं करता और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय प्रक्रिया की अपनी स्थिति दोहराता रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर, आतंकवाद और 2025 के सैन्य संघर्ष को लेकर दोनों देशों के आधिकारिक रुख में अंतर अब भी कायम है।
यह भी पढ़ें:UNGA में ट्रंप ने ईरान पर दिया बड़ा बयान
यह भी पढ़ें:दिल्ली वोटर लिस्ट 2026: 4 नवंबर को फाइनल लिस्ट
यह भी पढ़ें:जमुई नाबालिग बदसलूकी मामले में 3 हिरासत में, 4 की तलाश
यह भी पढ़ें:करगहर की शालू का नेशनल गतका में चयन

