डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चों को सौंपा, प्रशासन करेगा नियमित फॉलोअप और हेल्थ चेकअप
सासाराम। रिपोर्ट/हैदर अली, रोहतास ब्यूरो चीफ
केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के नियमानुसार रोहतास जिले में दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों को नया परिवार मिला है। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों बच्चों को उनके नए माता-पिता को सौंपा।
बच्चों को गोद लेने के बाद दत्तक माता-पिता के चेहरे पर खुशी और भावुकता देखने को मिली। इस दौरान अधिकारियों ने बच्चों के बेहतर भविष्य और सुरक्षित पालन-पोषण को लेकर अभिभावकों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
अलग-अलग राज्यों से पहुंचे दत्तक परिवार
जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि CARA के दिशा-निर्देशों और निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई है। जिन तीन परिवारों को बच्चे सौंपे गए, उनमें एक परिवार हरियाणा के गुरुग्राम, दूसरा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और तीसरा परिवार झारखंड के हजारीबाग से पहुंचा था।
बच्चों को सौंपने से पहले सभी परिवारों की कानूनी पात्रता, गृह अध्ययन और अन्य जरूरी औपचारिकताओं की जांच की गई। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बच्चों को नए अभिभावकों के सुपुर्द किया गया।
बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर रहेगी नजर
डीएम ने बच्चों को नए अभिभावकों के सुपुर्द करते हुए उन्हें उपहार और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बच्चों का पालन-पोषण पूरी संवेदनशीलता, प्रेम और अच्छे संस्कारों के साथ किया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की जिम्मेदारी बच्चों को नए परिवार तक पहुंचाने के बाद खत्म नहीं होगी। CARA के नियमों के तहत बच्चों की स्थिति का नियमित फॉलोअप किया जाएगा। इसके तहत समय-समय पर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच, पोषण स्तर और घरेलू वातावरण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों को नए परिवार में उचित देखभाल और सुरक्षित वातावरण मिल रहा है।
अवैध तरीके से गोद लेने से बचने की अपील
डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने लोगों से अपील की कि बच्चों को गोद लेने के लिए हमेशा CARA द्वारा निर्धारित कानूनी और आधिकारिक प्रक्रिया का ही पालन करें। उन्होंने कहा कि अनधिकृत या गैर-कानूनी तरीके से बच्चों को गोद लेना दंडनीय अपराध है। सरकार की दत्तक ग्रहण व्यवस्था का उद्देश्य बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराना है। मौके पर संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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