अमरजीत यादव की संदिग्ध मौत को लेकर पांच सूत्री मांगें, जिला प्रशासन ने न्यायिक जांच का भरोसा दिया
हैदर अली, रोहतास ब्यूरो चीफ
सासाराम। तिलौथू प्रखंड के रामडीहरा निवासी अमरजीत यादव की पुलिस और जेल अभिरक्षा में हुई संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर जिला समाहरणालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठे जन सुराज युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बलजीत सिंह यादव ने करीब 35 घंटे बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया।
जन सुराज के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मामले को लेकर पांच सूत्री मांगें रखीं। इनमें प्राथमिकी दर्ज करने, दोषी पुलिस एवं जेल अधिकारियों को निलंबित करने, न्यायिक जांच कराने, मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग शामिल थी।

प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त ने पूरे मामले में न्यायिक जांच कराने तथा प्रतिनिधिमंडल की मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद जन सुराज के प्रदेश उपाध्यक्ष तुराब नियाजी ने अनशनकारी बलजीत यादव को जूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त कराया।
न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात
जन सुराज नेता तुराब नियाजी ने कहा कि न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मामले में उत्पाद विभाग, जेल विभाग, स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों और अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस अवसर पर अशोक भारती, अतेंद्र सिंह, अधिवक्ता आशुतोष कुमार चौबे, संजय पांडे, बिट्टू यादव, अर्चना पटेश्वरी, बिंदेश्वर शर्मा समेत कई जन सुराज कार्यकर्ता मौजूद रहे।

