नई दिल्ली/पटना: उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की विधान परिषदों की 28 सीटों के लिए मंगलवार, 27 अक्टूबर को मतगणना शुरू हो गई है। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना के बाद अब उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। चारों राज्यों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर हुए इस चुनाव के नतीजों पर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं।
किस राज्य में कितनी सीटों पर चुनाव?
चार राज्यों में विधान परिषद की कुल 28 सीटों के लिए चुनाव कराया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश की 11, बिहार की 8, महाराष्ट्र की 5 और कर्नाटक की 4 सीटें शामिल हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार की कुल 19 सीटों पर मुकाबला खास तौर पर चर्चा में रहा।
जन सुराज के अनुज सिंह ने जीत का दावा किया
बिहार में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह ने अपनी जीत का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने अपना फैसला सुना दिया है और जन सुराज पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट बड़े अंतर से जीतने जा रही है। हालांकि, यह उम्मीदवार का चुनावी दावा है। वास्तविक स्थिति मतगणना पूरी होने और आधिकारिक परिणाम घोषित होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मतगणना केंद्र पर CCTV नहीं होने का आरोप
डॉ. अनुज सिंह ने मतगणना केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर वोटों की गिनती हो रही है, वहां CCTV कैमरे नहीं लगे हैं। उनके मुताबिक, इतनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के दौरान निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मतगणना केंद्र पर गंदगी और बदबू की समस्या है, जिससे वहां मौजूद लोगों को परेशानी हो रही है। अनुज सिंह के अनुसार, उन्होंने इन समस्याओं को रिटर्निंग ऑफिसर के सामने भी उठाया है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और निर्वाचन अधिकारी की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
बिहार की पटना स्नातक सीट पर नजरें
बिहार की पटना स्नातक सीट पर जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह और जेडीयू के नीरज कुमार के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सीट को लेकर चुनाव प्रचार के दौरान भी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली थी। अब मतगणना के दौरान यह देखना अहम होगा कि मतदाताओं का समर्थन किस उम्मीदवार को मिलता है।
चारों राज्यों के नतीजे क्यों हैं महत्वपूर्ण?
विधान परिषद की इन सीटों के नतीजे संबंधित राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश में चुनावी प्रदर्शन से दलों की राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। महाराष्ट्र और कर्नाटक के परिणाम भी संबंधित दलों के लिए अहम होंगे।
फिलहाल सभी की निगाहें मतगणना और आधिकारिक नतीजों पर हैं। जैसे-जैसे परिणाम घोषित होंगे, चारों राज्यों की सीटों पर जीत-हार की तस्वीर साफ होती जाएगी।






















