नई दिल्ली। चीन के तिब्बत क्षेत्र में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 की रात आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी नुकसान हुआ है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई और 32 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 11 की हालत गंभीर बताई गई है। इस बीच, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में भी भूकंप के झटकों की खबर सामने आई है। हालांकि, इन देशों में शुक्रवार सुबह दर्ज किए गए भूकंपों की अलग-अलग तीव्रता और स्थान की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
तिब्बत में 7.0 तीव्रता का भूकंप
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, गुरुवार रात तिब्बत के नाग्कू क्षेत्र के उत्तर-पूर्व में 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र नाग्कू से लगभग 190 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में था। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 से 18 किलोमीटर की गहराई पर होने की जानकारी अलग-अलग अपडेट में दी गई है।
भूकंप के तेज झटकों के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, कई मकानों को नुकसान पहुंचा है और राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त, बचाव अभियान जारी
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ और स्थानीय अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप के कारण कम से कम 339 मकान ढह गए या क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों और घायलों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। इसलिए हताहतों की अंतिम संख्या के लिए स्थानीय प्रशासन की ताजा जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
सड़क और रेल सेवाएं भी प्रभावित
भूकंप के बाद प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित होने की खबर है। एहतियात के तौर पर कुछ रेल सेवाओं को रोकने के कदम उठाए गए हैं। चट्टानें खिसकने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 317 के एक हिस्से पर भी यातायात प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके
शुक्रवार, 23 अक्टूबर की सुबह पाकिस्तान और अफगानिस्तान समेत आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के झटकों की खबर सामने आई। उपलब्ध शुरुआती जानकारी में 4.1, 4.4 और 4.9 तीव्रता के आंकड़ों का उल्लेख है, लेकिन इन तीव्रताओं का संबंधित देशों और भूकंप केंद्रों से सटीक मिलान आधिकारिक बुलेटिन से सत्यापित किया जाना चाहिए।
भूकंप की तीव्रता, उसका केंद्र और गहराई अलग-अलग घटनाओं के लिए अलग हो सकती है। इसलिए किसी देश में महसूस किए गए झटकों को तिब्बत में आए बड़े भूकंप का सीधा परिणाम मानना सही नहीं होगा, जब तक वैज्ञानिक एजेंसियां इसकी पुष्टि न करें।
अगले कुछ दिनों में मौसम भी बन सकता है चुनौती
चीनी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में अगले तीन दिनों के दौरान रुक-रुककर बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम से राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को उपचार उपलब्ध कराना, क्षतिग्रस्त मकानों में फंसे लोगों तक पहुंचना और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर सहायता देना है।
तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप ने जान-माल को नुकसान पहुंचाया है। राहत एवं बचाव कार्यों के बीच मृतकों, घायलों और क्षति के आंकड़ों में बदलाव संभव है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में आए झटकों की तीव्रता और स्थान की पुष्टि के लिए आधिकारिक भूकंप एजेंसियों के अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।






















