ST.News Desk
नई दिल्ली/रांची: संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन देश की राजनीति में एक और बड़ा मुद्दा चर्चा में आ गया। झारखंड भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे झारखंड में छात्रों के मुद्दों को लेकर वास्तव में गंभीर हैं, तो सिर्फ सोशल मीडिया पर ट्वीट और बयान देने के बजाय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर धरना दें।
BJP ने झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन यानी JPSC और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन यानी JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। बीजेपी का आरोप है कि झारखंड में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस समर्थित गठबंधन सरकार के खिलाफ राहुल गांधी कोई सीधी राजनीतिक कार्रवाई नहीं कर रहे।
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर राहुल गांधी को BJP की चुनौती
ANI से बातचीत में झारखंड BJP अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में छात्र लंबे समय से JPSC और JSSC-CGL से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी से अपील की कि वे सिर्फ ट्वीट करने या सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देने तक सीमित न रहें, बल्कि झारखंड पहुंचकर छात्रों से सीधे बातचीत करें।
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड की सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है। ऐसे में यदि राहुल गांधी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हैं, तो उन्हें सरकार पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाना चाहिए।
BJP अध्यक्ष ने चुनौती देते हुए कहा कि राहुल गांधी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर धरना देना चाहिए और सरकार से छात्रों की मांगों पर जवाब मांगना चाहिए।

BJP ने उठाई CBI जांच की मांग
आदित्य साहू ने JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर CBI जांच की मांग का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांग के अनुसार जांच कराने के लिए तैयार नहीं होती है, तो कांग्रेस को गठबंधन सरकार के समर्थन पर भी विचार करना चाहिए।
BJP का आरोप है कि कांग्रेस विपक्ष शासित या BJP शासित राज्यों में छात्रों के मुद्दों पर आक्रामक राजनीति करती है, लेकिन झारखंड में उसकी समर्थित सरकार के खिलाफ उसी तरह का रुख नहीं अपनाती।
हालांकि, परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार और संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में यह मामला अब छात्र आंदोलन के साथ-साथ एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।
संसद के आखिरी दिन BJP और विपक्ष आमने-सामने
यह बयान संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन उस समय सामने आया, जब BJP और विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसदों के बीच संसद परिसर में तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिला।
सत्र के आखिरी दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन किए गए। BJP ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन और परीक्षा विवाद को लेकर कांग्रेस तथा राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के मुद्दे को गंभीरता से नहीं उठा रही है, क्योंकि झारखंड में सरकार कांग्रेस समर्थित गठबंधन की है।
कांग्रेस का जवाबी प्रदर्शन, पवन खेड़ा के नेतृत्व में विरोध
BJP के विरोध-प्रदर्शन के जवाब में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के नेतृत्व में जवाबी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान विपक्ष की ओर से प्रतीकात्मक रूप से एक खिलौना बंदर भी प्रदर्शन में शामिल किया गया।
विपक्षी सांसदों ने BJP के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश की। संसद के मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और INDIA गठबंधन के बीच लगातार राजनीतिक टकराव देखने को मिला।
संसद के भीतर ही नहीं, बल्कि संसद परिसर में भी कई मुद्दों को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने रहे। महत्वपूर्ण विधायी, आर्थिक, क्षेत्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
नारेबाजी और हंगामे के बीच खत्म हुआ मानसून सत्र
गुरुवार को मानसून सत्र के अंतिम दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में राजनीतिक माहौल गर्म रहा। BJP और विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसदों की ओर से जोरदार नारेबाजी और जवाबी विरोध-प्रदर्शन हुए।
कार्यवाही में लगातार व्यवधान के बीच आखिरकार लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही संसद का मानसून सत्र समाप्त हो गया।
पूरे सत्र के दौरान कई मौकों पर सदन की कार्यवाही बाधित रही। विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरता रहा, जबकि BJP ने विपक्षी दलों और विपक्ष शासित राज्यों से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाकर जवाबी हमला किया।
झारखंड छात्र आंदोलन अब बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध अब झारखंड की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। BJP इसे लेकर हेमंत सोरेन सरकार और कांग्रेस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
दूसरी ओर, राहुल गांधी को सीधे मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना देने की चुनौती देकर BJP ने कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। CBI जांच की मांग और सरकार से समर्थन वापस लेने जैसी बातें कहकर बीजेपी ने इस मुद्दे को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है।
अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि JPSC और JSSC-CGL परीक्षा विवाद पर झारखंड सरकार क्या कदम उठाती है, छात्रों की मांगों पर क्या फैसला होता है और राहुल गांधी तथा कांग्रेस BJP की इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
फिलहाल, JPSC-JSSC परीक्षा विवाद और छात्र आंदोलन के बहाने झारखंड की राजनीति गरमा गई है, जबकि संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन BJP और विपक्ष के बीच टकराव ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस में भी ला दिया है।

