बाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने प्रतिमा का अनावरण किया
मेरठ के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के दौरान विवाद खड़ा हो गया। ‘जाट’ शब्द हटाए जाने से नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
अनिल तोमर
ब्यूरो चीफ दिल्ली, संचार टाइम्स
रविवार को सकौती में आयोजित कार्यक्रम में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया जाना था। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय जाट संसद ने देशभर के जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत का ऐलान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

हालांकि, समारोह के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब प्रतिमा की फाउंडेशन वॉल से ‘जाट’ शब्द हटाए जाने की बात सामने आई। बिरादरी के लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन ने जानबूझकर यह शब्द हटवाया है, जो समाज का अपमान है। नाराज लोग धरने पर बैठ गए और करीब 45 मिनट तक प्रदर्शन जारी रहा।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरधना के एसडीएम उदित नारायण मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि ‘जाट’ शब्द वाली प्लेट कहीं खो गई है और 10 दिनों के भीतर उसे दोबारा लगवा दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ।
कार्यक्रम में भगवंत मान और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल भी पहुंचे थे। लेकिन भीड़ के अनियंत्रित होने के कारण भगवंत मान प्रतिमा का अनावरण किए बिना ही वापस लौट गए। बाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने प्रतिमा का अनावरण किया।
कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी। यूपी समेत पांच राज्यों से हजारों लोग 2000 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे। एनएच-58 पर लंबा जाम लग गया और पंडाल में लगाई गई 10 हजार कुर्सियां पूरी तरह भर गईं।
अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कहा कि फिलहाल धरना समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन को 15 दिन का समय दिया गया है। यदि तय समय में प्रतिमा के पास ‘जाट’ शब्द नहीं लिखा गया, तो 16वें दिन इसी स्थान पर पंचायत कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।


